शनिवार, 31 जुलाई 2021

रूठने और मनाने की तस्वीरें !!


 











एक मुस्कराहट 

आज फिर 

तुम्हारे नाम की 

सजी है मेरे लबों पर

कुछ शैतानियों के

आज फ़िर पकड़े हैं कान,

कुछ बूंदे बरसीं हैं

खामोशी से

तेरी यादों की,

मन ही मन 

बना रही हूँ कोलाज़

रूठने और मनाने की 

तस्वीरें लगाकर ..

इन लम्हों को 

मित्रता दिवस की

मुबारकबाद जो देनी है !!!

...

© सीमा 'सदा'

#मित्रता_दिवस



मंगलवार, 27 जुलाई 2021

रिश्ता मन का !!

 

एक रिश्ता
जिसकी बुनियाद
बस मन ही होता है
उसकी नीव में
भरा होता है
संबंधों का गारा
जिसे बनाया गया होता है
अपनेपन के पानी से
एक निश्चित मात्रा
ना ठोस ना तरल
...
पानी की यही ख़ासियत है
जिसमे मिला दो
उस जैसा हो जाता है
रिश्ता मन का
पानी की पारदर्शिता लिये
जहाँ नमी हो
वो पौधे सूखा नहीं करते
ऐसा माँ कहती है 😉...........


बुधवार, 19 मई 2021

आँखों में आँखे डालकर !!!

 

वक़्त के पास
इन दिनों मुश्किलों की
लंबी कतार है …
नित नये संक्रमणों के साथ,
आँधी-पानी और तूफ़ान भी है !

कहती है उम्मीद तभी
कानों के पास आहिस्ता से,
डरकर भी लड़ी है, जंग कोई किसी ने
संभल कर चलो, हिम्मत बनो
किसी उदास मन को
एक मुस्कान देकर, 
दुआओं के कुछ बोल सौंप दो
जिंदादिली से, देखना तुम
गुज़र जाएगा ये वक़्त,
तमाम मुश्किलों की
आँखों मे आँखे डालकर !!!
© सीमा 'सदा'
#उम्मीद

....




शनिवार, 8 मई 2021

माँ की दुआओं में ....

 


बड़ी बरक़त देखी

मैंने माँ की दुआओं में

मुड़-मुड़ कर पलटती रहीं

जब भी मुश्किलें

माँ अपनी हथेली 

मेरे सर रख देती !!

....



रविवार, 2 मई 2021

ईश्वर पर आस्था रखना !!!

तसल्ली भरे शब्दों के

चेहरों पर

मातम सा छाया देख

दुआओं की 

पगडंडियों पर

साथ चल रही उम्मीद

कहती है ...

गुज़र जाएगा ये वक़्त

ईश्वर पर आस्था रखना

इस प्रार्थना के साथ 

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया,

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुख भागभवेत।




शनिवार, 3 अप्रैल 2021

दबे पाँव आई अनहोनी !!

 दबे पाँव आई अनहोनी

बड़ी ख़ामोशी से,

हुआ हादसा ..

कुछ ज़ख्म, कुछ खरोचें

कुछ मुंदी चोटें

गहरे काले निशानों के साथ

रक्तरंजित कर गईं

चेहरे को 

यक़ीन के परे का एक सच

ये कह गया चुपके से कानों में

समय का मरहम

मिटा देगा हर ज़ख्म का निशान !!!

… 




गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

ज़िद्दी यादों से !!!

 आँसू बहाये, पाँव भी पटके

बड़ी देर तक 

ठुनकती भी रहीं

पर मुझसे दूर न हुईं

इनको भुलाने की फ़नकारी में

मैं माहिर न हो सकी

चाह कर भी ..... 

टूटता नहीं, रिश्ता मेरा 

इन ज़िद्दी यादों से !!!

....




रविवार, 17 जनवरी 2021

ज़िंदगी की चाय !!!

ज़िंदगी की चाय में

उबाल देना

सारे रंजो-ग़म

अनबन की गाँठ वाली अदरक को,

कूट-पीटकर डाल देना

जिसका तीखा सा स्वाद भी

बड़ा भला लगेगा,

मिठास के लिए

ज़रा सा अपनापन

डालते ही

जायकेदार चाय

पिला सकोगे

अपने अपनो को !!!

...



बुधवार, 6 जनवरी 2021

मुस्कराहटों के मायने !!!

 मुस्कराहटों के मायने

मत पूछा करो तुम,

दर्द को छिपाने में 

 .... आँसुओं को,

पलकों की ....

कोरों पे रोकने में

अक़्सर ये,

शुभचिंतक हो जाती है!!!

©

    


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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....