इनकी कलम को वरदान मिला है माँ सरस्वती का तभी तो हम सभी का मार्ग प्रशस्त करते हुए अपने नाम को सार्थक कर रही हैं ब्लॉग जगत में ऐसी शख्सियत का होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है ..इनके बारे में कुछ भी कहना कुछ भी लिखना मेरे लिए सूर्य को दीपक दिखाने जैसा ही होता है पर मेरे मन का हर भाव इनसे जुड़ा है जब से इन्हें जाना है इनके स्नेहाशीष की छाया तले खुद को हर दिन पाती हूँ ... जब भी यह खा़स दिन आता है तो खुद को रोक नहीं पाती आप सबके साथ साझा करने से ...
आपका लेखन जिस विषय पर भी हो प्रत्येक शब्द दिल को छूकर गुज़र जाता है फिर चाहे वह मेरी भावनायें ... पर लिखी गई रचनाएं हो जहां सत्य बोलता है प्रेम जीवंत रहता है और विश्वास मुखर होता है इनकी लेखनी से ...इसके साथ आत्मचिंतन पर उनके आध्यात्मिक विचारों की गंगा बहती है तो वटवृक्ष पर जाने कितने ही जाने-अंजाने रचनाकारों की रचनाओं से साक्षात्कार कराती हुए आदर्श बनती हैं ... इनकी ऊर्जावान जीवन शैली को देखना है तो इन्हें आप देख सकते हैं ब्लॉग बुलेटिन पर .... और कहां - कहां हैं इनकी कलम का जादू यदि सब का सब आपको बताने लगूंगी तो आप सब भी :) मेरे बारे में कोई नई राय बना लेंगे इसलिए फिलहाल इतना ही ...
मैं तो इन्हें अपने ब्लॉग पर अपनी जि़द से लाई हूं ... आज इनका जन्मदिन है ... ये नहीं आतीं तो सब कुछ खाली-खाली और अधूरा सा ही रहता ....
तो ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ ...
आपका लेखन जिस विषय पर भी हो प्रत्येक शब्द दिल को छूकर गुज़र जाता है फिर चाहे वह मेरी भावनायें ... पर लिखी गई रचनाएं हो जहां सत्य बोलता है प्रेम जीवंत रहता है और विश्वास मुखर होता है इनकी लेखनी से ...इसके साथ आत्मचिंतन पर उनके आध्यात्मिक विचारों की गंगा बहती है तो वटवृक्ष पर जाने कितने ही जाने-अंजाने रचनाकारों की रचनाओं से साक्षात्कार कराती हुए आदर्श बनती हैं ... इनकी ऊर्जावान जीवन शैली को देखना है तो इन्हें आप देख सकते हैं ब्लॉग बुलेटिन पर .... और कहां - कहां हैं इनकी कलम का जादू यदि सब का सब आपको बताने लगूंगी तो आप सब भी :) मेरे बारे में कोई नई राय बना लेंगे इसलिए फिलहाल इतना ही ...
मैं तो इन्हें अपने ब्लॉग पर अपनी जि़द से लाई हूं ... आज इनका जन्मदिन है ... ये नहीं आतीं तो सब कुछ खाली-खाली और अधूरा सा ही रहता ....
तो ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ ...
हसरतों की पगडंडियों पर
दौड़ती भागती उम्र ने
फिर एक बसंत
पूरा कर लिया
दुआओं के फूलों से
सजी थी दहलीज़ जिसकी
मन्नतों के पहरे थे जहां पर
अपनों का स्नेह था साथ
जिनमें खिला हर फूल
मुस्कराहट से
अपनी कह रहा था
जन्मदिन मुबारक हो ...
आप सभी के आने का बहुत-बहुत शुक्रिया .. जिसे अदा करने के लिए :) इस बार ये भी हमारे साथ हैं .
बेटा आपकी मॉं का क्या नाम है .....
बच्चा मासूमियत से अभी कुछ रखा नहीं है ''प्यार से मॉं बुलाता हूँ ''
