शुक्रवार, 8 जून 2012

एक विस्‍तृत आकाश है ... !!!














मेरे पास तुम्‍हारी सोच का
एक विस्‍तृत आकाश है
जो मुझे कहीं भी
डगमगाने नहीं देता
मुझे उड़ने का हौसला देकर
मेरे पंखों को सहलाता है जब भी
मुझे ऊंचाईयों से भय नहीं लगता
तुम साथ - साथ उड़ती हो
बन के हवा जब मेरे नन्‍हें पंख
शिथिल होने को होते
तुम मेरे कानों में
आकर चुपके से कहती
देखो तो मंजिल कितनी पास है
क्‍यूँ घबराना
हम पहुँच गए हैं अब तो विजय द्वार पर
...
हारने का तो प्रश्‍न ही नहीं
तुम्‍हें आज मैं एक सच बतलाती हूँ
हार को लोग नहीं देखते
लोग सिर्फ विजय का स्‍वागत करते हैं
पराजय का सामना तो सिर्फ
मन करता है और मस्तिष्‍क लड़ता है
वक्‍़त कभी भी बुरा नहीं होता
वो तो सबके लिए एक समान होता है
बुरे तो हालात होते हैं
....
तुमने देखा है न कच्‍ची मिट्टी को
पानी पड़ते ही कैसे घुल जाती है
पानी के साथ बह जाती है
लेकिन उसी मिट्टी के घड़े में
पानी कितने दिनों तक  सुरक्षित रहता है
क्‍यूँ कि वह आग पर पकाया हुआ होता है
जो जितना तपता है उतना ही कुंदन होता है
हर कसौटी पर  खरा उतरता है
चाहे तुम उसे फिर कितना भी परख़ लो ...  !!!
...

36 टिप्‍पणियां:

  1. कच्‍ची मिट्टी को
    पानी पड़ते ही कैसे घुल जाती है
    पानी के साथ बह जाती है
    लेकिन उसी मिट्टी के घड़े में
    पानी कितने दिनों तक सुरक्षित रहता है
    क्‍यूँ कि वह आग पर पकाया हुआ होता है
    जो जितना तपता है उतना ही कुंदन होता है... सही कहा.सदा जी बहुत सुन्दर और गहन भाव....

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  2. चाहे तुम उसे फिर कितना भी परख़ लो ..

    मन मोहक सुंदर गहन भाव की अभिव्यक्ति ,,,,,

    MY RESENT POST,,,,,काव्यान्जलि ...: स्वागत गीत,,,,,

    उत्तर देंहटाएं
  3. हारने का तो प्रश्‍न ही नहीं
    तुम्‍हें आज मैं एक सच बतलाती हूँ
    हार को लोग नहीं देखते
    लोग सिर्फ विजय का स्‍वागत करते हैं
    पराजय का सामना तो सिर्फ
    मन करता है और मस्तिष्‍क लड़ता है
    वक्‍़त कभी भी बुरा नहीं होता
    वो तो सबके लिए एक समान होता है
    बुरे तो हालात होते हैं
    ....

    और वक्त सदा एकसा नहीं रहता आगे की और है इसका मार्च पास्ट .बढ़िया भाव विरेचक भाव वाचक पोस्ट .
    कृपया यहाँ भी पधारें -
    फिरंगी संस्कृति का रोग है यह
    प्रजनन अंगों को लगने वाला एक संक्रामक यौन रोग होता है सूजाक .इस यौन रोग गान' रिया(Gonorrhoea) से संक्रमित व्यक्ति से यौन संपर्क स्थापित करने वाले व्यक्ति को भी यह रोग लग जाता है .
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/

    ram ram bhai
    शुक्रवार, 8 जून 2012
    जादू समुद्री खरपतवार क़ा
    बृहस्पतिवार, 7 जून 2012
    कल का ग्रीन फ्यूल होगी समुद्री शैवाल
    http://veerubhai1947.blogspot.in/

    उत्तर देंहटाएं
  4. हार को लोग नहीं देखते
    लोग सिर्फ विजय का स्‍वागत करते हैं
    पराजय का सामना तो सिर्फ
    मन करता है और मस्तिष्‍क लड़ता है
    वक्‍़त कभी भी बुरा नहीं होता
    वो तो सबके लिए एक समान होता है
    बुरे तो हालात होते हैं

    बहुत ही सुन्दर पंक्तियाँ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. और वक्त सदा एकसा नहीं रहता आगे की ओर है इसका मार्च पास्ट .बढ़िया भाव विरेचक भाव वाचक पोस्ट .अतीत है पानी तालाब का रुका हुआ गन्दला .
    कृपया यहाँ भी पधारें -
    फिरंगी संस्कृति का रोग है यह
    प्रजनन अंगों को लगने वाला एक संक्रामक यौन रोग होता है सूजाक .इस यौन रोग गान' रिया(Gonorrhoea) से संक्रमित व्यक्ति से यौन संपर्क स्थापित करने वाले व्यक्ति को भी यह रोग लग जाता है .
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/

    ram ram bhai
    शुक्रवार, 8 जून 2012
    जादू समुद्री खरपतवार क़ा
    बृहस्पतिवार, 7 जून 2012
    कल का ग्रीन फ्यूल होगी समुद्री शैवाल
    http://veerubhai1947.blogspot.in/

    उत्तर देंहटाएं
  6. और वक्त सदा एकसा नहीं रहता आगे की ओर है इसका मार्च पास्ट .बढ़िया भाव विरेचक भाव वाचक पोस्ट .अतीत है पानी तालाब का रुका हुआ गन्दला .
    कृपया यहाँ भी पधारें -
    फिरंगी संस्कृति का रोग है यह
    प्रजनन अंगों को लगने वाला एक संक्रामक यौन रोग होता है सूजाक .इस यौन रोग गान' रिया(Gonorrhoea) से संक्रमित व्यक्ति से यौन संपर्क स्थापित करने वाले व्यक्ति को भी यह रोग लग जाता है .
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/

    ram ram bhai
    शुक्रवार, 8 जून 2012
    जादू समुद्री खरपतवार क़ा
    बृहस्पतिवार, 7 जून 2012
    कल का ग्रीन फ्यूल होगी समुद्री शैवाल
    http://veerubhai1947.blogspot.in/

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  7. जो जितना तपता है उतना ही कुंदन होता है
    हर कसौटी पर खरा उतरता है
    चाहे तुम उसे फिर कितना भी परख़ लो ... !!!

    ....बहुत गहन और शाश्वत सत्य...बहुत सुन्दर और प्रभावी अभिव्यक्ति...

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (09-06-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!

    उत्तर देंहटाएं
  9. जो जितना तपता है उतना ही कुंदन होता है
    हर कसौटी पर खरा उतरता है
    चाहे तुम उसे फिर कितना भी परख़ लो ... !!!
    bahut sundar ,prabal bhaav ...
    shubhkamnayen sada ji .

    उत्तर देंहटाएं
  10. जो जितना तपता है उतना ही कुंदन होता है
    हर कसौटी पर खरा उतरता है
    चाहे तुम उसे फिर कितना भी परख़ लो ...
    jiwan ka sach

    उत्तर देंहटाएं
  11. वक्‍़त कभी भी बुरा नहीं होता
    वो तो सबके लिए एक समान होता है
    बुरे तो हालात होते हैं

    सार्थक संदेश

    उत्तर देंहटाएं
  12. जो जितना तपता है उतना ही कुंदन होता है
    हर कसौटी पर खरा उतरता है

    कुंदन रचना

    उत्तर देंहटाएं
  13. bahut hi badhiya v prereak prastuti----sada ji
    badhai
    poonam

    उत्तर देंहटाएं
  14. सशक्त और प्रभावशाली रचना.....

    उत्तर देंहटाएं
  15. सही कहा सदा वक्‍त बुरा नहीं होता हालात बुरे होते हैं। सूंदर अभिव्यक्‍ति!

    उत्तर देंहटाएं
  16. बहुत ही भावुक कर देने वाली कविता । मेरा नया पोस्ट आपका इंतजार कर रहा है । धन्यवाद ।

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  17. जो जितना तपता है उतना ही कुंदन होता है
    हर कसौटी पर खरा उतरता है
    चाहे तुम उसे फिर कितना भी परख़ लो ... !!!

    Khoob Kahi, Sateek Arthpoorn Panktiyan

    उत्तर देंहटाएं
  18. लोग सिर्फ विजय का स्‍वागत करते हैं
    पराजय का सामना तो सिर्फ
    मन करता है और मस्तिष्‍क लड़ता है
    वक्‍़त कभी भी बुरा नहीं होता
    वो तो सबके लिए एक समान होता है
    बुरे तो हालात होते हैं

    आपकी यह कविता जीवन के सनातन संघर्ष पर एक सशक्त टिप्पणी है.

    उत्तर देंहटाएं
  19. वाह !!हमेशा की तरह सुंदर रचना...

    उत्तर देंहटाएं
  20. तुमने देखा है न कच्‍ची मिट्टी को
    पानी पड़ते ही कैसे घुल जाती है
    पानी के साथ बह जाती है
    लेकिन उसी मिट्टी के घड़े में
    पानी कितने दिनों तक सुरक्षित रहता है
    क्‍यूँ कि वह आग पर पकाया हुआ होता है
    जो जितना तपता है उतना ही कुंदन होता है
    हर कसौटी पर खरा उतरता है
    चाहे तुम उसे फिर कितना भी परख़ लो ... !!
    very near to life, it shows the fight for existence and survival

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  21. बहुत खूब..

    पानी, माटी, और घड़े के बिंब से सुंदर दर्शन का एहसास।

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  22. बहुत ही सुन्दर कविता, वाह..

    उत्तर देंहटाएं
  23. बहुत ही सुन्दर कविता....

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  24. बहूत हि सुंदर
    बेहतरीन रचना...

    उत्तर देंहटाएं
  25. आशावाद का सुन्दर सन्देश

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  26. बेहतरीन प्रस्‍तुति। मेरे नए पोस्ट पर आप आमंत्रित हैं । धन्यवाद ।

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  27. उन्मुक्त आकाश की ऊँची उड़ान ............वाह वाह खूबसूरत प्रस्तुति

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  28. तप का महत्त्व बखूबी समझा दिया आपने...

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....