बुधवार, 14 सितंबर 2016

मातृभाषा, माँ बोली !!!


हिंदी बोलोगे
गर्व से जिस दिन
उस दिन तुम्हे
जिभ्या पे
स्वाद मिलेगा 
इक अनोखा !
समझा पाओगे
अपनी बात ही नहीं
समझ पाओगे
लोग क्या कहना
चाह रहे हैं !!!!
...
मातृभाषा, माँ बोली
जिसने पहचान कराई
हिंदी से हिन्दुस्तान से
बल्कि कहूँ तो
सारे जहान से
इसे दिवस विशेष
मत बनाओ
बड़ा लम्बा सफ़र
तय किया है इसने
मैं, तुम से लेकर
हम तक पहुँचने का
इसकी क़ाबलियत का
सम्मान करो और
अपनाकर हर्ष से
हर दिन !
जन-जन तक इस
दिवस विशेष का
ये सन्देश पहुँचाओ !!!

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....