रविवार, 12 मार्च 2017

हँसे गुलाल !!!

गुलाल उड़ा
मन ही मन रंगा
पगला मन !
..
रंग से मिल
गलबहियाँ डाल
हँसे गुलाल !
..
रंग बरसा
होली के रंग से
रंगी धरा भी !
..
फागुन संग
पवन खेले रंग
उड़े गुलाल !
...
रंग अबीर
सजधज के आये
मनाओ होली !

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....