सोमवार, 22 अगस्त 2016

बेटियां होती ...

बेटियां होती
दोनों कुल का मान
स्वीकारो ये !
....
बिन बेटी के
ना भाग्य संवरता
जाना ना भूल !
....
बेटी होती है
प्लस का एक चिन्ह
जो जोड़े सदा !
....
बेटी नहीं है
जिन्हें तरसते वो
कन्यादान को !
....
बेटियां होती
बिंदी रोली कुंकुम
पूजा की पात्र !
....
बेटी सावन
चूड़ी मेहँदी झूले
मिल के कहें !

....बेटी सावन
चूड़ी मेहँदी झूले
मिल के कहें !

बुधवार, 17 अगस्त 2016

कलाई राखी सजे !!!













अक्षत रोली
लगाकर भाई को
बाँधी है राखी !
...
पवित्र रिश्‍ता
विश्‍वास का बँधन
कायम रखे !
...
रेशम डोर
कलाई से बँधे तो
दुआ बनती ! 
...
माथे तिलक
कलाई राखी सजे
खुश हो भाई !
...
दुआ की डोर
बाँधे पावन रिश्‍ता
सदा के लिए !
...

शनिवार, 6 अगस्त 2016

दोस्‍त है वही !!!

सुबह शाम
कैसे हो दोस्‍त कहे
मेरा ये मित्र !
...
संग दोस्‍त का
अनमोल ये पल
साथ हैं हम !
...
फूल दोस्‍ती का
साथ निभाते हुये
महका करे !
...
साथ चले जो
दूर रहकर भी
दोस्‍त है वही !
...
दोस्‍त जिंदगी
रिश्‍ता ईमान का ये
जान से प्‍यारा !
...
रिश्‍ता दोस्‍ती का
जिंदगी को सौग़ात
मिली रब से !!

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....