शनिवार, 16 सितंबर 2017

जीवन की विरासत !!!

तुम सम्बन्धों को समझते हो
तभी तो सारी मुश्किलों को
हँसते हँसते हल करते हो !
...
वैभव से कहा था तुमने
अभिमान मत करो
खुद पर ...
जिस दिन धरा या गगन
अभिमान कर लेंगे
तुम्हें सर छिपाने के लिए
एक कण नसीब नहीं होगा
शानों-शौक़त सब धरे रह जायेंगे !!
....
मानव का सम्बन्ध
प्रकृति से हो या अपनों से
निश्छल होकर ही
इस जीवन की विरासत को
संवारा जा सकता है !!! 

शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

तर्पण मेरा इस पितृपक्ष मे !!!


पापा ये पितृपक्ष
आता है जब
मैं हरदिन
तर्पण करती हूँ
ये सोच के
आप दूर जाकर भी
नहीं जा पाये मन से
मेरी अँजुरी में जल के साथ ही
समाहित है अश्रुजल की बूंदें भी
करुण पुकार ह्रदय की
श्रद्धा से अर्पित आपको !
...
जल में पल छिन यादों के
ये तिल स्वरूप
आपके निमित्त किये
श्रद्धा से जो किया जाये
वो आप तक पहुँचता है
समर्पित है आपको
भावों भरा तर्पण मेरा
इस पितृपक्ष मे !!!

मंगलवार, 5 सितंबर 2017

समय सबसे बड़ा शिक्षक !!!

गुरू के रूप अनेक हैं
माता-पिता
भाई बन्धु सखा
पर समय
सबसे बड़ा शिक्षक है
जाने कितना कुछ सिखाता है
उसे भी नमन _/\_
आज के दिन
जिसने ये अवसर दिया
ज्ञान अर्जित किया है
जिस किसी से भी
छोटा हो या बड़ा
उसे स्वीकारो 😊
और सहज रहो !!

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....