मंगलवार, 8 मई 2018

जब माँ साथ होती है !!!

जाने कहाँ छिप जाती है
उदासी, ख़ामोशी,
और तन्हाई
जब माँ साथ होती है !!!
...
सारी मुस्कराहटों को
पता होता है
माँ की धड़कनों से
हर कोना हँसता है
और दीवारें
जगमगाती हैं !!!
....


सोमवार, 23 अप्रैल 2018

मरहम के साये में दर्द !!!!

कड़वे शब्द
कठिन समय में
बस मरहम होते हैं
जख्मो की ज़बान होती
तो वो चीखते शोर मचाते
आक्रमण करते
मरहम के साये में दर्द नम होकर
यूँ पसीज हिचकियाँ ना लेते !!!!
...
छलनी होती रूह पे
घड़ी दो घड़ी की तसल्ली
वाले शब्दों से
कुछ हुआ है ना कभी होगा
गुनाहों की शक्ल
बदलने के वास्ते
रूहों का लिबास बदलना होगा !!!
...

सोमवार, 2 अप्रैल 2018

मन भी सिक्का !!!

मौन मेरा
आज कुछ बातों को
सिक्के की तरह
उछाल रहा है
गगन की ओर
चित्त और पट
अब मन की मुट्ठी में है
किस बात को
कैसे कब और कहाँ
इस्तेमाल करना है।
...
जब बातें
कड़क और स्प्ष्ट हों
तो मन भी सिक्का हो जाता है
क्या लेना है और क्या छोड़ना
निर्णय किसी हथेली पर
चाहकर भी नहीं छोड़ता मन !!!

बुधवार, 28 फ़रवरी 2018

होली है होली !!!


प्रेम फागुनी
मन के उत्सव में
भीगता रहे !
..
धरा ने खेला
अम्बर संग रंग
मचा धमाल !
...
होली के रंग
अपनों के संग हैं
कहे फागुन !
...
होली के रंग
पिचकारी के संग
भीगे गुलाल !
...
पीकर भंग
बोले होली है होली
रंगों की टोली !


बुधवार, 21 फ़रवरी 2018

बेटी तो सदा दिल का अरमान होती है !!!

बेटी बाबुल के दिल का टुकड़ा भैया की मुस्कान होती है,
आँगन की चिड़िया माँ की परछाईं घर की शान होती है !
..
खुशियों के पँख लगे होते हैं उसको घर के हर कोने में
रखती है अपनी निशानियां जो उसकी पहचान होती हैं !
..
माँ की दुलारी पापा की लाडली भैया की नखरीली वो
रूठती झगड़ती इतराती हुई करुणा की खान होती है !
..
भाई की राखी दूज का टीका मीलों दूर होकर भी जब
वो सजल नयनों से भेजकर हर्षाये तो सम्मान होती है !
..
संध्या वंदन कर एक दिया आँगन की तुलसी पे रखती,
मानो ना मानो बेटी तो सदा दिल का अरमान होती है !




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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....