शुक्रवार, 13 सितंबर 2019

माँ की बिंदी !!

ये स्वर, ये व्यजंन हिंदी के,
सारे रंग हैं माँ की बिंदी के !!


गुरुवार, 22 अगस्त 2019

बड़ी भूख है जिंदगी में !!!

तब्दीलियों की
बड़ी भूख हैं जिंदगी में
हैरान हूँ इसकी खुराक
हर रोज़ बढ़ जाती है
हज़म करना मुश्किल है
फिर भी कितना कुछ
पचाना पड़ता है
कई दफ़ा घूँट-घूँट
बहते आँसुओं के साथ !
पापा, दिन, महीने
बीते बरस के
हर लम्हे ने मुझे आपके साथ
नहीं होने पर भी
हमेशा आपके साथ रखा
हर बार असंभव को
संभव किया
और कहा है मैंने
मुस्कराते हुए
जिसके सर पर अपनों का
हाथ होता है वो
इस बहते खारे पानी को
फिल्टर करते हुये
मुश्किलों में भी मुस्करा ही लेते हैं!!!


शनिवार, 3 अगस्त 2019

दोस्त एक हो पर सच्चा हो !!!

तेरी बातों के गोलगप्पे
आज भी
मेरी ज़बान का ज़ायका
बदल देते हैं
खिलखिलाते लम्हों के बीच
वो मुस्कराती चटनी इमली की
अपनी यादों में
आज भी शामिल है
सच ही तो कहा करती थी माँ
दोस्त एक हो पर सच्चा हो
उम्रदराज़ भले हो जाओ
पर रहो ऐसे कि
जैसे कोई बच्चा हो !!
....

मंगलवार, 18 जून 2019

बाहों में आपकी पापा !!

दुआओ  के झूले
कितने हैं झूले
बाहों में आपकी पापा
थकान को
मुस्कान में बदलने का
हुनर सीखा है आपसे ही
हम मुस्कराते हैं
वज़ह इसकी आप हैं
ज़रूरत हमारी
लगती न आपको
कभी भी भारी
हिम्मत से आपने हर
मुश्क़िल की है नज़र उतारी !!
....


गुरुवार, 13 जून 2019

सारे हल आज एकजुट थे !!

पापा कोई जादू तो नहीं है
मेरे पास, है तो बस निष्ठा
जो उम्मीद भरी आँखों में
विश्वास और धैर्य की
उँगली थाम के जब चलती है
तो लगता है आप साथ हों
तो बस मुश्किलें भी घबरा जाती हैं
बुरा वक़्त देकर दस्तक़
लौट जाता है
एड़ी चोटी का ज़ोर लगाया था
चुनौतियों ने
परेशानियों को देकर समझाइश भेजा भी
पर सारे हल आज एकजुट थे
इसी निष्ठा से
कोई ना कोई तो
तेरे काम जरूर आएगा
बस मन के दरवाज़े पे
भरोसे की चिटकनी लगा कर रखना
कोई भी परेशानी
भीतर प्रवेश न कर सकेगी !!


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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....