बुधवार, 14 सितंबर 2016

मातृभाषा, माँ बोली !!!


हिंदी बोलोगे
गर्व से जिस दिन
उस दिन तुम्हे
जिभ्या पे
स्वाद मिलेगा 
इक अनोखा !
समझा पाओगे
अपनी बात ही नहीं
समझ पाओगे
लोग क्या कहना
चाह रहे हैं !!!!
...
मातृभाषा, माँ बोली
जिसने पहचान कराई
हिंदी से हिन्दुस्तान से
बल्कि कहूँ तो
सारे जहान से
इसे दिवस विशेष
मत बनाओ
बड़ा लम्बा सफ़र
तय किया है इसने
मैं, तुम से लेकर
हम तक पहुँचने का
इसकी क़ाबलियत का
सम्मान करो और
अपनाकर हर्ष से
हर दिन !
जन-जन तक इस
दिवस विशेष का
ये सन्देश पहुँचाओ !!!

14 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 15-09-2016 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2466 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुंदर सन्देश... शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपकी ब्लॉग पोस्ट को आज की ब्लॉग बुलेटिन प्रस्तुति ब्लॉग बुलेटिन - हिन्दी दिवस में शामिल किया गया है। सादर ... अभिनन्दन।।

    उत्तर देंहटाएं
  4. जय मां हाटेशवरी...
    अनेक रचनाएं पढ़ी...
    पर आप की रचना पसंद आयी...
    हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें...
    इस लिये आप की रचना...
    दिनांक 16/09/2016 को
    पांच लिंकों का आनंद
    पर लिंक की गयी है...
    इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. बिल्कुल सही सदा जी ! बहुत बढिया !

    ~सस्नेह
    अनिता ललित

    उत्तर देंहटाएं
  6. अहा आनंदम आनंदम ...सरल सुन्दर प्रभावी

    उत्तर देंहटाएं
  7. अति सुंदर ।शुभकामनाएँ ।

    उत्तर देंहटाएं
  8. हिन्दी दिवस के महत्वा को रेखांकित करती बहुत ही सुन्दर रचना..

    उत्तर देंहटाएं

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....