गुरुवार, 13 अगस्त 2009

हर दिल का सम्‍मान है तिरंगा . . .


उत्‍साहित हैं बच्‍चे, उनके संग उल्‍लासित है तिरंगा,

पहन पुष्‍पहार अभिनन्‍दन गीतों से शोभित है तिरंगा ।

इस देश की आन है, हर एक दिल की जान है,

खुद अपनी ही नहीं भारत की पहचान है तिरंगा ।

हिम शिखर पर लहरा कर ये बतलाता गौरव अपना,

हिन्‍दुस्‍तान की शान, हर दिल का सम्‍मान है तिरंगा ।

जन गण मन का गायन हो सदा इसकी शान में,

तो वंदे मातरम् कहने पर खुशी से लहराये तिरंगा ।

हिन्‍दी भाषी हैं हम वतन अपना हिन्‍दुस्‍तान है,

कहें जब, आंखो में सबसे पहले लहराये तिरंगा ।

12 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत हि सुन्दर भाव लिये हुये कविता

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  2. वतन अपना हिन्‍दुस्‍तान है,
    जी हाँ वतन अपना हिन्‍दुस्‍तान है, और इस वतन के लिये आपने, इस तिरंगे की शान मे जो आपने लिखा है वह बेहतरीन है.

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  3. बहुत सुन्दर समसामयिक रचना के लिये बधाई जै हिन्द्

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  4. समसामयिक रचना... रचना बहुत अच्छी लगी....बहुत बहुत बधाई।

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  5. जन गण मन का गायन हो सदा इसकी शान में,
    तो वंदे मातरम् कहने पर खुशी से लहराये तिरंगा

    लाजवाब , देश प्रेम की भावना से भरा लाजवाब गीत है .

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  6. बहुत ख़ूबसूरत रचना! इस बेहतरीन रचना के लिए बधाई! स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

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  7. हर दिल का सम्‍मान है तिरंगा . . .
    हर दिल की जान है तिरंगा . . .

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  8. हर दिल का सम्‍मान है तिरंगा . . .
    हर दिल की जान है तिरंगा . . .
    bahut sundar bhaav liye desh prem kaa sandesh detee kavitaa ke liye badhaaI

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....