गुरुवार, 31 दिसंबर 2020

सजे हैं द्वार मन के !!!

 दिसम्बर का

इंतज़ार ख़त्म होने को है

21वीं सदी को

इक्कीसवें साल की

शुभकामनाएं देने

जनवरी सीढ़ी दर सीढ़ी

उतर रही है ...

शुभता की कामनाओं से

सजे हैं द्वार मन के,

उम्मीद ने बुलावा भेजा है

खुशियों को मंगल गीत गाने को,

आना ही होगा नव वर्ष को,

सबके आँगन …..

हर्ष और उत्कर्ष का

चर्मोत्कर्ष लिए !!!

.....


12 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (०२-०१-२०२१) को 'जीवन को चलना ही है' (चर्चा अंक- ३९३४) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    --
    अनीता सैनी

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत सुन्दर और सारगर्भित।
    नव वर्ष 2021 की हार्दिक शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
  3. प्रिय सीमा सदा जी 🙏🏻

    वाह...
    बहुत अच्छे भाव 👌👌👌👌
    नववर्ष मंगलमय हो 💐🌺🌹💐
    हार्दिक शुभकामनाएं,
    - डॉ. वर्षा सिंह

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत अच्छा सर्जन
    नववर्ष मंगलमय हो!

    जवाब देंहटाएं
  5. अति पावन भाव । हार्दिक शुभकामनाएँ ।

    जवाब देंहटाएं
  6. सुन्दर सृजन - - नूतन वर्ष की असीम शुभकामनाएं।

    जवाब देंहटाएं
  7. सबके लिए खूबसूरत कामना , आमीन !!

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत खूब ... आते हुए २०२१ का स्वागत है ...
    आपको भी शुभकामनायें ...

    जवाब देंहटाएं
  9. उम्मीद ने बुलावा भेजा है
    खुशियों को मंगल गीत गाने को,
    आना ही होगा नव वर्ष को,
    सबके आँगन …..
    हर्ष और उत्कर्ष का
    चर्मोत्कर्ष लिए !!!

    सुंदर चिंतन-मनन को लिए एक सार्थक रचना।
    नववर्ष की अशेष शुभकामनाओं के साथ। सादर।

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....