शुक्रवार, 19 अक्तूबर 2012

कुछ रिश्‍ते ... (5)

कुछ रिश्‍ते
सौभाग्‍य के सिन्‍दूर
काले मोतियों की माला में
गुथकर
जन्‍म-जन्‍मांतर के हो जाते हैं
....
कुछ रिश्‍ते
जन्‍म जन्‍मांतर के होते हैं
इस विश्‍वास के साथ
वर्षों की दूरियां भी
कोई मायने नहीं रखती
....
कुछ रिश्‍ते
जन्‍म से पहले ही
उम्र से बड़े हो जाते हैं
और आत्‍मीय भी
...
कुछ रिश्‍ते होते हैं
जो हर रिश्‍ते को सहेजते हैं
बचाते हैं बिखरने से
उनका होना ही
सब कुछ होता है
 ...
कुछ रिश्‍ते
तपस्‍वी होते हैं
एक साधना जो निरन्‍तर
तप में लीन रहती है
..

34 टिप्‍पणियां:

  1. रिश्तों का ऐसा सुन्दर व्याख्यान अति सुन्दर बधाई स्वीकारें सदा जी

    उत्तर देंहटाएं
  2. रिश्ते !
    जो टूटने पर भी नहीं छूटते !

    रिश्तों की बेहतरीन शृन्खला

    उत्तर देंहटाएं
  3. रिश्तों को बहुत सुन्दरता से सहेज रही हैं आप …………सुन्दर प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दरता से वर्णन किया है आपने रिश्तों का | बहुत खूब |

    जवाब नहीं मिलता

    उत्तर देंहटाएं
  5. गहरापन तो नीचे उतरने में आता है।

    उत्तर देंहटाएं
  6. कुछ रिश्‍ते होते हैं
    जो हर रिश्‍ते को सहेजते हैं
    बचाते हैं बिखरने से
    उनका होना ही
    सब कुछ होता है............बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं
  7. स्तरीय प्रस्तुति |
    बधाई स्वीकारे ||

    उत्तर देंहटाएं
  8. इन रिश्तों में देवता का वास होता है

    उत्तर देंहटाएं
  9. कुछ रिश्‍ते
    जन्‍म से पहले ही
    उम्र से बड़े हो जाते हैं
    और आत्‍मीय भी ...bahut sach ......rishton ki bahut sundar paribhahsa hain in lafzon mein .behtreen

    उत्तर देंहटाएं
  10. कुछ रिश्‍ते
    जन्‍म से पहले ही
    उम्र से बड़े हो जाते हैं
    और आत्‍मीय भी ...बहुत खुबसूरत भाव...

    उत्तर देंहटाएं
  11. कुछ रिश्ते समय से काल से नाम से भी परे होते हैं ...
    बड़े खूबसूरत होते हैं ये रिश्ते !
    सुन्दर विचार !

    उत्तर देंहटाएं
  12. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  13. बहुत सुन्दर....

    एक साधना जो निरन्‍तर
    तप में लीन रहती है
    वाह..
    सस्नेह
    अनु

    उत्तर देंहटाएं
  14. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (20-10-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ! नमस्ते जी!

    उत्तर देंहटाएं
  15. सभी रिश्तों की अपनी अहमियत होती है...इन्हें संजोना सुखद होता है|

    उत्तर देंहटाएं
  16. कुछ रिश्‍ते
    जन्‍म से पहले ही
    उम्र से बड़े हो जाते हैं
    और आत्‍मीय भी

    ....बहुत खूब! रिश्तों का बहुत सुन्दर आंकलन...

    उत्तर देंहटाएं
  17. कुछ रिश्‍ते
    तपस्‍वी होते हैं
    एक साधना जो निरन्‍तर
    तप में लीन रहती है....gahri baat kahi aapne...

    उत्तर देंहटाएं
  18. भाव-प्रवण कविता अच्छी लगी। धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  19. रिश्तों को इतनी अच्छी तरह कोई कोई ही बयां कर सकता है । बहुत खूब ।

    उत्तर देंहटाएं
  20. कुछ रिश्ते
    बन जाते हैं
    अचानक ही
    जो चलते रहते हैं
    समानान्तर
    बिना मिले ही ....

    बहुत सुंदर प्रस्तुति ..... सबसे पहली टिप्पणी तो गूगल बाबा की कृपा से गायब ही हो गयी .... तब क्या लिखा था याद नहीं :)

    पर ऐसी ही कुछ तुकबंदी थी ...

    रिश्तों के सत्य को कहती सुंदर रचना ।

    उत्तर देंहटाएं
  21. Kitne khoobsoorat hote honge aise rishte! Aur jinhen wo naseeb hon unkee kya kahne! Behad sundar rachana!

    उत्तर देंहटाएं
  22. कुछ रिश्‍ते
    जन्‍म से पहले ही
    उम्र से बड़े हो जाते हैं
    और आत्‍मीय भी

    बहुत सुन्दर रिश्तों की व्याख्या . किस लाइन को न लिखा जाये या छोड़ा जाये . अद्भुत आज आपकी लेखनी पर इर्ष्या हो रही है जिसने इन भावों को गढ़ा.

    उत्तर देंहटाएं
  23. आपको ये जानकार ख़ुशी होगी की एक सामूहिक ब्लॉग ''इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड ''शुरू हो चुका है.जिसमे हर हफ्ते भारतीय ब्लोगर्स ओर हिंदी ब्लोग्स का परिचय करवाया जायेगा.और भारतीय ब्लोग्स की साप्ताहिक चर्चा भी होगी.और साथ ही सभी ब्लॉग सदस्यों के ब्लोग्स का अपडेट्स भी होगा.ये सामूहिक ब्लॉग ज्यादा से ज्यादा हिंदी ब्लोग्स का प्रमोशन करेगा.आप भी इसका हिस्सा बने.और आज ही ज्वाइन करें.और इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड के सदस्य बने.

    इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड

    उत्तर देंहटाएं
  24. बहुत सुंदर रचना !:)
    रिश्तों को निरंतर तप में लीन रहना पड़ता है...साधना ता-उम्र चलती रहती है, फल अपने आप झोली में गिरते जाते हैं...
    ~सादर !

    उत्तर देंहटाएं
  25. रिश्तों की गहन व्याख्या...बहुत खूब |

    उत्तर देंहटाएं
  26. सही कहा अलग अलग रिश्ते का अलग अलग महत्त्व है...

    उत्तर देंहटाएं
  27. रिश्तों की बहुत ही सुन्दर और खुबसूरत व्याख्या ..
    अति सुन्दर और बेहतरीन प्रस्तुति.....
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  28. बहुत सुन्दर प्रस्तुति। नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें। मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है। धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  29. रिश्तों की विवेचना और व्याख्या भी अलग अनुभव है.

    सुंदर प्रस्तुति.

    उत्तर देंहटाएं
  30. कुछ रिश्‍ते
    जन्‍म जन्‍मांतर के होते हैं
    इस विश्‍वास के साथ
    वर्षों की दूरियां भी
    कोई मायने नहीं रखती
    ....
    बहुत सुन्दर गहन भाव युक्त अभिव्यक्ति......

    उत्तर देंहटाएं
  31. आपकी यह बेहतरीन रचना बुधवार 24/10/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  32. रिश्तों की इतनी छवियाँ बहुत प्रभावित करने वाली हैं.

    उत्तर देंहटाएं
  33. बड़े ही गहन विश्लेषण और विवेचन के साथ आपने हर रिश्ते को परिभाषित किया है ! बहुत सुंदर रचना ! इन रिश्तों के ताने बानों में ही जैसे सारी ज़िंदगी गुंथ सी जाती है ! बहुत प्यारी प्रस्तुति !

    उत्तर देंहटाएं

ब्लॉग आर्काइव

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....