शनिवार, 18 अगस्त 2012

चलना तो तुम्‍हें ही होगा मुझे लेकर ....















ख्‍वा़हिशों के इस दौर में
कुछ ख्‍वाहिशों को जिंदा रखना जरूरी है
वर्ना जीने की वजह नहीं रहती
....
कुछ ख्‍वाहिशों को जिंदा रखने के लिए
जरूरत पड़ती है थपकियों की
कुछ ख्‍वा़हिशें बहुत मासू़म होती हैं
उन्‍हें नहीं आता ख्‍वा़हिशों की
इस भीड़ में आगे बढ़ना
वे चुपचाप सिमट जाती आकर
जब भी मेरे आगोश में
कुछ ख्‍वाहिशों को जब ठोकर लगती
वो खो देती अपना हौसला
तब मुझे उन्‍हें दिखाना होता
दूर क्षितिज़ पर बादलो में गु़म चांद को
कभी चांद के छिपने की वज़ह
बतानी होती तो कभी
सितारों के आगे की दुनिया
सितारों का टूटना और लोगों की
मन्‍नतों को पूरा करना
...
तभी एक मासूम़ सी ख्‍वा़हिश उचककर कह उठी
क्‍या हम सच में पूरे कर सकते हैं
किसी के ख्‍वा़ब
मैं मुस्‍कराती उसकी मासूमियत पर
और कहती बिल्‍कुल
तुम बस विश्‍वास की उंगली मत छोड़ना
उसने कसकर मेरी उंगली थाम ली
मैं हैरान होकर बोली मैने तो विश्‍वास कहा था
उसने भोलेपन से कहा
चलना तो तुम्‍हें ही होगा मुझे लेकर
... 
(इस चलने के साथ ही आज 300 पोस्‍ट पूरी हुईं सदा की )





43 टिप्‍पणियां:

  1. मैं हैरान होकर बोली मैने तो विश्‍वास कहा था
    उसने भोलेपन से कहा
    चलना तो तुम्‍हें ही होगा मुझे लेकर


    बहुत सुंदर ..... हौसला ही मिलता रहे यही काफी है ... 300 वीं पोस्ट की बधाई ॥

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  2. आपका ये हौसला निर्बाध गति से इसी तरह चलता रहे ३०० वीं पोस्ट की बहुत२ बधाई,शुभकामनाए,,
    RECENT POST...: शहीदों की याद में,,

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  3. बधाई ...बहुत बहुत ३०० पोस्ट की
    मैं मुस्‍कराती उसकी मासूमियत पर
    और कहती बिल्‍कुल
    तुम बस विश्‍वास की उंगली मत छोड़ना
    उसने कसकर मेरी उंगली थाम ली
    मैं हैरान होकर बोली मैने तो विश्‍वास कहा था
    उसने भोलेपन से कहा
    चलना तो तुम्‍हें ही होगा मुझे लेकर........सही कहा :)

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  4. ३०० वीं पोस्ट की बहुत-बहुत बधाई,शुभकामनाए, ये ही हौसला बनाए रखना सदा..

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  5. वाह बहुत खूब्…………३०० वीं पोस्ट की हार्दिक शुभकामनायें।

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  6. वाह वाह........
    बहुत सुन्दर रचना....
    सदा सदा लिखती रहे.....३०० सौंवीं पोस्ट के लिए बधाई..
    सस्नेह
    अनु

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  7. 300 वीं पोस्ट के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं
    बहुत बढिया रचना
    क्या कहने

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  8. बहुत सुन्दर रचना...
    ३०० वे पोस्ट की बधाई...
    सदा जी का लेखन सदा ही चलता रहे....
    शुभकामनाये....
    :-)

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  9. हौसला देना और उसको बनाये रखना भी एक महत्वपूर्ण कार्य है, जिसे थाम कर कोई अपने लक्ष्य तक के सफर को तय कर ले और फिर जो ख़ुशी हमें मिलती है शायद अपनी उपलब्धि पर भी नहीं मिलती है.
    बहुत सुंदर प्रस्तुति, ३०० पोस्ट के लम्बे सफर को पूरा करने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.

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  10. अतिसुन्दर!!
    विश्वासों के आधार!!

    तुम बस विश्‍वास की उंगली मत छोड़ना
    उसने कसकर मेरी उंगली थाम ली
    मैं हैरान होकर बोली मैने तो विश्‍वास कहा था
    उसने भोलेपन से कहा
    चलना तो तुम्‍हें ही होगा मुझे लेकर

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  11. तुम बस विश्‍वास की उंगली मत छोड़ना
    उसने कसकर मेरी उंगली थाम ली
    मैं हैरान होकर बोली मैने तो विश्‍वास कहा था
    उसने भोलेपन से कहा
    चलना तो तुम्‍हें ही होगा मुझे लेकर
    300 पोस्‍ट पूरी होने की ख़ुशी में मैं भी शामिल हूँ ... बहुत-बहुत बधाई .... :))

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  12. बेहतरीन तरीके से बुनी गयी कविता बधाई

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  13. ख्‍वा़हिशों के इस दौर में
    कुछ ख्‍वाहिशों को जिंदा रखना जरूरी है
    वर्ना जीने की वजह नहीं रहती ... बिल्कुल सही

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  14. साथ का विश्वास अधिक दृढ़ होता है. बहुत सुंदर रचना. 300वीं पोस्ट की हार्दिक बधाई.

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  15. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    --
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (19-08-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  16. दूर क्षितिज़ पर बादलो में गु़म चांद को
    कभी चांद के छिपने की वज़ह
    बतानी होती तो कभी
    सितारों के आगे की दुनिया
    सितारों का टूटना और लोगों की
    मन्‍नतों को पूरा करना

    bahut khoob! 300 post poore hone par badhai...

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  17. ३०० वीं पोस्ट की बहुत-बहुत बधाई,शुभकामनाए......

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  18. इतने सारे ख्वाब इतने सारे मुश्किल उस पर लम्बा सफ़र और न थकने का हौसला प्रणाम स्वीकार करें साथ ही ३०० वीं पोस्ट की बहुत-बहुत बधाई,शुभकामनाए

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  19. उसने अपने विश्वास की उँगली ही तो कस कर पकड़ी है ,सदा जी ,
    यह जीवन भर संबल देता रहेगा .
    लेखनी की गति यों ही बनी रहे - ३०० वीं पोस्ट पर हार्दिक अभनन्दन !

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  20. बहुत-बहुत बधाई सदा जी। एक लंबे, सार्थक और सफल सफ़र के लिए!
    बहुत खूबसूरत रचना है।

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  21. हौंसला और विशवास रहे तो ख़्वाबों को कैद कर सकते हैं ३००वि पोस्ट के लिए हार्दिक बधाई बहुत सुन्दर प्रस्तुति

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  22. ३०० वीं पोस्ट की बधाई !!!
    यूँ ही लिखती रहें...हम पढ़ते रहें...
    शुभकामनाएँ !!

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  23. सदा जी ,बहुत-बहुत शुभकामनाएँ..

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  24. 300 वीं पोस्ट
    बधाई शुभकामनाऎं
    अभी लम्बा सफर है !

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  25. ख्वाहिशें बड़ी मासूम होती है तो बहुत नादान ही...
    सुंदर रचना...

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  26. ३०० पोस्ट की बधाई!
    चल चला चल......
    आशीष
    --
    द टूरिस्ट!!!

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  27. आज 20/08/2012 को आपकी यह पोस्ट (दीप्ति शर्मा जी की प्रस्तुति मे ) http://nayi-purani-halchal.blogspot.com पर पर लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!

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  28. अंगुली पकड़ा थी हाथ में और यह विश्वास की चलना तो तुम्हे ही साथ में ...
    इस निराशानाजंक दौर में आपकी कवितायेँ उम्मीद और विश्वास को जगाये रखती हैं !
    300वीं पोस्ट की बहुत बधाई !

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  29. तीसरे सैकडे के लिए बधाई...सतत लेखन एक बड़ा वरदान है...एक ख्वाब को साथ ले कर चलने की तरह...

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  30. ३०० पोस्ट और सुंदर रचना के लिए बहुत-बहुत
    मुबारक हो !
    शुभकामनायें!

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  31. मैं हैरान होकर बोली मैने तो विश्‍वास कहा था
    उसने भोलेपन से कहा
    चलना तो तुम्‍हें ही होगा मुझे लेकर ...
    ahaaa...brilliant!!

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  32. 300 पोस्ट पूरी होने पर आपको हार्दिक शुभकामनायें...आप सदा यूं ही लिखती रहें और यह उम्मीदों और विश्वास का दामन कभी किसी का न छूटे बस यही दुआ है

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  33. उसने कसकर मेरी उंगली थाम ली
    मैं हैरान होकर बोली मैने तो विश्‍वास कहा था
    उसने भोलेपन से कहा
    चलना तो तुम्‍हें ही होगा मुझे लेकर ...

    वाह सदाजी बहुत ही प्यारी रचना ..सीधे दिल में उतर गयी ...

    ३०० वि पोस्ट के लिए ढेर सारी बधाई ...यूहीं लिखती रहिये

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  34. ख्‍वा़हिशों के इस दौर में
    कुछ ख्‍वाहिशों को जिंदा रखना जरूरी है
    वर्ना जीने की वजह नहीं रहती
    ३०० पोस्ट पूरी होने पर बधाई |

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