जब भी कोई कमज़ोरी
परिस्थिति का शिकार होती है तो
सहानुभूति साथ होती है
लेकिन कमज़ोरी को मोहरा बनाकर
उसका फायदा उठाते लोगों की नज़र से
बच पाना ...
किसी के आंख में कांटे की तरह चुभना
फिर चाहत रखना दिल में
सम्मान की कुर्सी पर वह तुम्हें
सुसज्जित कर देगा
बेहद नागवार चाहत है यह तो ...
क्या करे ये चाहत चीज़ ही ऐसी है
हमेशा उसी चीज़ के लिए लालायित होती है
जो खुद से दूर होती है
जो पास में होता है उसके लिए
वह हमेशा ही बेपरवाह हो जाती है
आखि़र क्यूं ?
ये चाहतें ये मुरव्वतें
इतनी बेपरवाह हुआ करती हैं
कि इनके लिए हमेशा
दूर के ढोल ही सुहाने होते हैं ...
प्यार जिन्दगी से !
जाने क्यूँ हर एक को होता है
जन्म से लेकर मृत्यु तक की अवधि
जिन्दगी नाम से अपनी
पहचान क़ायम रखती है
जिसमें तन सुन्दर हो तो
जरूरी नहीं कि
मन की सुन्दरता भी हो
बस भावना नेक हो
हृदय में यह अहसास बना रहे
जिन्दगी सिर्फ एक बार मिलती है
इसे परिस्थितियों का दास नहीं बनने दें
हर हाल में खुश रहें
और दूसरों को भी रहने दें ...
क्या ये भाव जिन्दगी को
मुस्कान देने के लिए काफ़ी नहीं हैं ....????


क्या ये भाव जिन्दगी को
प्रत्युत्तर देंहटाएंमुस्कान देने के लिए काफ़ी नहीं हैं ....????
हर हाल में खुश रह कहाँ रह पाते है हम ...जब हसरतें खींच लेतीं हैं मन को .... ...अगर हसरतों की कश्ती को किनारे पर आने की चाह न हो तो सिर्फ भटकन है जीवन ....सार्थक प्रस्तुति...
जिन्दगी सिर्फ एक बार मिलती है
प्रत्युत्तर देंहटाएंइसे परिस्थितियों का दास नहीं बनने दें
सार्थक सन्देश देती अच्छी रचना
क्या ये भाव जिन्दगी को
प्रत्युत्तर देंहटाएंमुस्कान देने के लिए काफ़ी नहीं हैं ....????
इस एक कविता में जीवन का पूरा आख्यान लिख दिया आपने....सुन्दर शेली सुन्दर भावनाए
जिन्दगी सिर्फ एक बार मिलती है
हटाएंइसे परिस्थितियों का दास नहीं बनने दें
हर हाल में खुश रहें
और दूसरों को भी रहने दें ...
क्या ये भाव जिन्दगी को
मुस्कान देने के लिए काफ़ी नहीं हैं ....????
Behad sundar bhaav hain!
जिन्दगी सिर्फ एक बार मिलती है
प्रत्युत्तर देंहटाएंइसे परिस्थितियों का दास नहीं बनने दें
हर हाल में खुश रहें
और दूसरों को भी रहने दें ...
क्या ये भाव जिन्दगी को
मुस्कान देने के लिए काफ़ी नहीं हैं ....???? है तो ... पर समझा जाए तब ! और समझ भी एक के होने से क्या होता है !
जीवन में सचेत रहना आवश्यक है ,
प्रत्युत्तर देंहटाएंविशवास में ही विशवास घात होता है
सकारात्मक सोच जीवन में राम बाण जैसा काम करता है
नकारात्मक सोच ज़हर के सामान होता है
अच्छे ख्याल ,सलाम
जिंदगी जिंदादिली का नाम है........
प्रत्युत्तर देंहटाएंसार्थक संदेश देती प्रेरक रचना।
बहुत सुंदर,
प्रत्युत्तर देंहटाएंआपको पढना वाकई अच्छा लगता है।
बहुत सुन्दर सदा जी...
प्रत्युत्तर देंहटाएंजिंदगी कभी अपेक्षाओं की वजह से दर्द देती है...कभी उपेक्षाओं की ...
मन का खेल है सारा...
खुश रहने के ढेर बहाने,
प्रत्युत्तर देंहटाएंफिर भी उसने पत्थर ताने..
सार्थक संदेश देती प्रेरक रचना।
प्रत्युत्तर देंहटाएंक्या करे ये चाहत चीज़ ही ऐसी है
प्रत्युत्तर देंहटाएंहमेशा उसी चीज़ के लिए लालायित होती है
जो खुद से दूर होती है
जो पास में होता है उसके लिए
वह हमेशा ही बेपरवाह हो जाती है
बहुत गहन सत्य है यह.......शानदार |
बहुत ही अच्छा संदेश!
प्रत्युत्तर देंहटाएंसादर
वाह ....सुन्दर सीख देती हुई संदर रचना
प्रत्युत्तर देंहटाएंजन्म से लेकर मृत्यु तक की अवधि
प्रत्युत्तर देंहटाएंजिन्दगी नाम से अपनी
पहचान क़ायम रखती है
जिसमें तन सुन्दर हो तो
जरूरी नहीं कि
मन की सुन्दरता भी हो
बस भावना नेक हो
सुन्दर रचना है ज़िन्दगी के करीब ज़िन्दगी से साक्षात करती हुई .
बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
प्रत्युत्तर देंहटाएंbahut hi sundar avm gambhir chaintan ke sath .....sadar abhar Sada ji .
प्रत्युत्तर देंहटाएंkya kahoon sda man ko jhakjhor gai aaj ki post .
प्रत्युत्तर देंहटाएंआपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 19- 01 -20 12 को यहाँ भी है
प्रत्युत्तर देंहटाएं...नयी पुरानी हलचल में आज... जिंदगी ऐसे भी जी ही जाती है .
जिन्दगी सिर्फ एक बार मिलती है
प्रत्युत्तर देंहटाएंइसे परिस्थितियों का दास नहीं बनने दें
हर हाल में खुश रहें
और दूसरों को भी रहने दें ...
बहुत सुंदर भाव!
बहुत सुंदर भाव पूर्ण प्रस्तुति,बेहतरीन पोस्ट
प्रत्युत्तर देंहटाएंwelcome to new post...वाह रे मंहगाई
bahut achhi lagi aapki ye rachna, dhanyavaad!
प्रत्युत्तर देंहटाएंक्या ये भाव जिन्दगी को
प्रत्युत्तर देंहटाएंमुस्कान देने के लिए काफ़ी नहीं हैं ....????
बहुत है,सुंदर है...
जिन्दगी सिर्फ एक बार मिलती है
प्रत्युत्तर देंहटाएंइसे परिस्थितियों का दास नहीं बनने दें
हर हाल में खुश रहें
और दूसरों को भी रहने दें ...
क्या ये भाव जिन्दगी को
मुस्कान देने के लिए काफ़ी नहीं हैं ....????
बिल्कुल हैं अगर कोई समझे तो …………
नहीं,यह भाव काफी नहीं है क्योंकि ज़िंदगी सिर्फ एक बार नहीं मिलती। फिर मिलेगी,क्योंकि हमारा कर्मबंध ही ऐसा है!
प्रत्युत्तर देंहटाएंइस छोटी सी जिंदगी में .......
प्रत्युत्तर देंहटाएंकद्र बदलेंगी .यकीं बदलेंगे ,तुम बदलोगें
अंधरे में भी उजाले के दीये जला करंगे ||...अनु
कोमल भावो की अभिवयक्ति......
प्रत्युत्तर देंहटाएंक्या करें चाहत को लालच की अम्मा पेड़े जो देती है।जिन्दगी सिर्फ एक बार मिलती है
प्रत्युत्तर देंहटाएंइसे परिस्थितियों का दास नहीं बनने दें
हर हाल में खुश रहें
और दूसरों को भी रहने दें ...
क्या ये भाव जिन्दगी को
मुस्कान देने के लिए काफ़ी नहीं हैं
मगर यह कहने की बाते हैं जो किताबों में अच्छी लगती है बहुत कम लोग ही अपना पाते है इन्हें जीवन में क्यूंकि यदि यही जीवन का सच होता तो शायद सभी ज़िंदगी में एक स्वर्ग ज़रूर होता।
किसी के आंख में कांटे की तरह चुभना
प्रत्युत्तर देंहटाएंफिर चाहत रखना दिल में
सम्मान की कुर्सी पर वह तुम्हें
सुसज्जित कर देगा
बेहद नागवार चाहत है यह तो ..
इसलिये शुरू से हि अपने आचरण में सत्यता एवं प्रेम भाव रखना चाहिये
मन में कभी दुसरो के लिये द्वेष ना हो ...तो सम्मान कि कुर्सी आसनी से प्राप्त हो जाती है..
बहूत हि बेहतरीन सार्थक एवं सटीक प्रस्तुती है...
सही कहा आपने ....खुश रहो ......यही इक मूलमंत्र है सफलता का....
प्रत्युत्तर देंहटाएंबधाई ...
मेरी नयी कविता तो नहीं उस जैसी पंक्तियाँ "जोश "पढने के लिए मेरे ब्लॉग पे आयें...
http://dilkikashmakash.blogspot.com/
खुश रहना एक आदत है जो हर हाल में ज़रूरी है. सुंदर रचना.
प्रत्युत्तर देंहटाएंमन सुंदर नहीं तो तो कुछ नहीं....
प्रत्युत्तर देंहटाएंबढ़िया अभिव्यक्ति !