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बृहस्पतिवार, 5 जनवरी 2012

दिल दुखे तेरा या मेरा बात एक ही ...













मैं गिला तुमसे करूं भी तो भला किस बात का,
तोड़कर वादों को मनाना तुम्‍हें किस बात का ।

दुनिया की भीड़ में अकेला हो तो कोई क्‍या कहे,
ये दौर ही है ऐसा जहां मोल नहीं जज्‍बात का ।

सर्द बातें सर्द है दिन क्‍यूं दिल दुखाना फिर यूं,
गर्म आंसुओं को गिराना रूख्‍सार पे बेबात का ।

आईने के टुकड़ों सा इस दिल का हाल हुआ है,
हर टुकड़े पे अक्‍स तेरी हर इक मुलाकात का ।

मैने रोका तो बहुत था जबां को कुछ भी कहने से,
उसे यकीं ही नहीं हुआ था मेरी कहीं हर बात का ।

दिल दुखे तेरा या मेरा बात एक ही होती है पर,
दोष होता है इसमें सदा मेरे हर इक ख्‍यालात का ।

41 टिप्पणियाँ:

  1. शुक्रवार भी आइये, रविकर चर्चाकार |

    सुन्दर प्रस्तुति पाइए, बार-बार आभार ||

    charchamanch.blogspot.com

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  2. दुनिया की भीड़ में अकेला हो तो कोई क्‍या कहे,
    ये दौर ही है ऐसा जहां मोल नहीं जज्‍बात का ।
    ...वाह!

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  3. ओह! कमाल की भावपूर्ण प्रस्तुति है आपकी,सदा जी.
    पढकर मन भावविभोर हो गया है जी.

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  4. बहुत सुन्दर सदा जी...
    दिल खुश हुआ पढ़ कर..
    बहुत खूब.

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  5. आईने के टुकड़ों सा इस दिल का हाल हुआ है,
    हर टुकड़े पे अक्‍स तेरी हर इक मुलाकात का ...

    वाह क्या बात कह दी ...
    हर आईने में उनका ही अक्स नज़र आता है ...
    उनको देख कर ही मेरा मेरा वक्त गुजार जाता है ...

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  6. हर इक ख्‍यालात का दोष .. बहुत बढ़िया..

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  7. बेहतरीन भाव।
    सुंदर प्रस्‍तुति।

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  8. आईने के टुकड़ों सा इस दिल का हाल हुआ है,
    हर टुकड़े पे अक्‍स तेरी हर इक मुलाकात का ।

    मैने रोका तो बहुत था जबां को कुछ भी कहने से,
    उसे यकीं ही नहीं हुआ था मेरी कहीं हर बात का ।

    दिल दुखे तेरा या मेरा बात एक ही होती है पर,
    दोष होता है इसमें सदा मेरे हर इक ख्‍यालात का ।

    in panktiyon ke baare mein kya kahun....behad gahraai se nikale hain ye....

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  9. दुनिया की भीड़ में अकेला हो तो कोई क्‍या कहे,
    ये दौर ही है ऐसा जहां मोल नहीं जज्‍बात का ।

    बहुत खुबसूरत अशआर |

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  10. मैने रोका तो बहुत था जबां को कुछ भी कहने से,

    बहुत खुबसूरत प्रस्तुति !!

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  11. आईने के टुकड़ों सा इस दिल का हाल हुआ है,
    हर टुकड़े पे अक्‍स तेरी हर इक मुलाकात का ।

    मैने रोका तो बहुत था जबां को कुछ भी कहने से,
    उसे यकीं ही नहीं हुआ था मेरी कहीं हर बात का ।
    Dard se sarobaar nafees rachana.

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  12. दिल दुखे तेरा या मेरा बात एक ही होती है पर,
    दोष होता है इसमें सदा मेरे हर इक ख्‍यालात का ।

    वाह ...अच्छी पंक्तियाँ

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  13. बढ़िया गजल,बहुत सुंदर ख्यालातो से सजी बेहतरीन पन्तियाँ,.....

    नई रचना --काव्यान्जलि--जिन्दगीं--में click करे

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  14. आईने के टुकड़ों सा इस दिल का हाल हुआ है
    हर टुकड़े पे अक्स तेरी हर इक मुलाक़ात का

    दिल के ख़यालात का
    बहतर इज़हार हुआ है
    अच्छा काव्य !

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  15. मैने रोका तो बहुत था जबां को कुछ भी कहने से,
    उसे यकीं ही नहीं हुआ था मेरी कहीं हर बात का ।
    बेहद खूबसूरत ज़ज्बात...

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  16. कई बार एक सी होकर एक सी नहीं होती ...

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  17. बहुत अच्छी रचना.. मन के भाव बखूबी अभिव्यक्त हो रहे हैं!!

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  18. दिल दुखे तेरा या मेरा बात एक ही होती है पर, ...

    बहुत खूब ....
    शुभकामनायें आपको !

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  19. दिल दुखे तेरा या मेरा बात एक ही होती है पर,
    दोष होता है इसमें सदा मेरे हर इक ख्‍यालात का ।

    vah kya khoob likha hai sada ji apne ....abhar ke sath hi badhai.

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  20. बेहतरीन गज़ल. सारे शेर एक से बढकर एक है.

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  21. apki rachna umda hai.

    Waah...

    विश्व संस्कृति की तरह ही भारतीय संस्कृति भी बड़ी अद्भुत है।
    http://mypoeticresponse.blogspot.com/2012/01/blog-post.html

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  22. kya dard kabhi aayine to tod dene k baad bikhar ya simat sakta hai? nahi....to fir aayina todna hi kyu ? khud ko itna kamzor kyu karna ki toot k bikhar jayen?

    dard me lipti umda gazal.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  23. मैने रोका तो बहुत था जबां को कुछ भी कहने से,
    उसे यकीं ही नहीं हुआ था मेरी कहीं हर बात का ।



    वाह.... बेहद खूबसूरत लिखा है...

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  24. मैने रोका तो बहुत था जबां को कुछ भी कहने से,
    उसे यकीं ही नहीं हुआ था मेरी कहीं हर बात का ।
    सुन्दर एहसास खुद से संवाद करती रचना .

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  25. बहुत सुंदर गजल अच्छी प्रस्तुति ......
    --जिन्दगीं--

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  26. "दिल दुखे तेरा या मेरा बात एक ही होती है पर,
    दोष होता है इसमें सदा मेरे हर इक ख्‍यालात का ।"

    बहुत सुंदर सदा जी ! दिल की बात कह दी आपने ! बधाई !

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  27. अरे कमाल का लिखा है आज तो सदा जी……………मेरे पास तो शब्द कम पड गये है तारीफ़ के लिए

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  28. दिल दुखे तेरा या मेरा बात एक ही होती है पर,
    दोष होता है इसमें सदा मेरे हर इक ख्‍यालात का ।

    ....बहुत सुन्दर भावमयी अभिव्यक्ति...

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं

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