बुधवार, 18 नवंबर 2009

देवता पे चढ़ाया न जाएगा ...

कल वो बच्‍चा था बहल गया था बातों से

आज उसकी सोच को बहलाया न जाएगा ।

कलियां खिलने से पहले मुर्झा गई हैं अब,

यूं इनको किसी देवता पे चढ़ाया न जाएगा

मेरे जज्‍बातों की कदर थी उसको तभी तो,

कहा उसने मुंह मोड़ के यूं जाया न जाएगा ।

दफ्न जाने थे कितने राज उसके सीने में,

हर राज यूं सरेआम बतलाया न जाएगा ।

नफरतो के साये में बीता है हर दिन मेरा,

नगमा वफा का मुझसे गाया न जाएगा ।

14 टिप्‍पणियां:

  1. नफरतो के साये में बीता है हर दिन मेरा,

    नगमा वफा का मुझसे गाया न जाएगा .....

    bahut hi sunder panktiyan....

    behtareen shabdon ke saath bahut hi sunder rachna....

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  2. बहुत ख़ूबसूरत भाव सदा जी ,
    खैर, कलियों को चिंतित होने की जरुरत भी नहीं क्योंकि देवता बचे ही नहीं है, जिधर देख बस असुर ही असुर है !

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  3. नफरतो के साये में बीता है हर दिन मेरा,
    नगमा वफा का मुझसे गाया न जाएगा .....

    lajawaab panktiyan .... vafa kr nagme pyaar ke chalte hi gaaye ja sakte hain ....

    उत्तर देंहटाएं
  4. कल वो बच्‍चा था बहल गया था बातों से
    आज उसकी सोच को बहलाया न जाएगा ।

    नफरतो के साये में बीता है हर दिन मेरा,
    नगमा वफा का मुझसे गाया न जाएगा

    वाह । बहुत खूब कहा है ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. मेरे जज्‍बातों की कदर थी उसको तभी तो,

    कहा उसने मुंह मोड़ के यूं जाया न जाएगा ।

    चलिये जज्बातो की कद्र तो है
    बहुत सुन्दर कलाम

    उत्तर देंहटाएं
  6. कलियां खिलने से पहले मुर्झा गई हैं अब,

    यूं इनको किसी देवता पे चढ़ाया न जाएगा ।

    नफरतो के साये में बीता है हर दिन मेरा,
    नगमा वफा का मुझसे गाया न जाएगा
    वाह बहुत सुन्दर रचना है बधाई

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  7. सदा जी,

    अशआरों में बड़ी खूबसूरती से बात कही है।

    अच्ची गज़ल कही है।

    सादर,

    मुकेश कुमार तिवारी

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  8. मेरे जज्‍बातों की कदर थी उसको तभी तो,

    कहा उसने मुंह मोड़ के यूं जाया न जाएगा ।

    बहुत सुन्दर गज़ल है.बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  9. मेरे जज्‍बातों की कदर थी उसको तभी तो,
    कहा उसने मुंह मोड़ के यूं जाया न जाएगा ।

    बहुत खूब।

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  10. सुन्दर कवितायें बार-बार पढने पर मजबूर कर देती हैं.
    आपकी कवितायें उन्ही सुन्दर कविताओं में हैं.

    Sanjay kumar
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....