मंगलवार, 28 जनवरी 2020
गुरुवार, 24 अक्टूबर 2019
मन में शुभता लिये !!
कतार लगी है दियों की
मन में शुभता लिये
मधुर है कितना कुछ
इनके आस-पास
पकवानों से सजे हैं थाल
दीवारों पर खिलखिला रहे हैं रँग नये
देहरी पर सजी रंगोली ने
किया वंदन अभिनन्दन
लगाकर रोली चंदन
माँ लक्ष्मी के संग गौरी नन्दन का !!
…
हर्षित मन उल्लासित है
दिवस विशेष की मंगल बेला में
परम्पराओं की अखण्ड ज्योत जला
जब भी हुए नतमस्तक
एक नई ऊर्जा लिये मन
कह उठा शुभमस्तु नित्यं लोकक्षेम !!!
…..
© सीमा 'सदा'
शनिवार, 19 अक्टूबर 2019
गुरुवार, 19 सितंबर 2019
हो जाता है तर्पण !!
पापा आप नियम से
हर छह महीने में
नीम की पत्तियां पीस
उनकी गोली बना हमें
खिलाया करते
बदलते मौसम के
दुष्प्रभाव दूर करने को
और मैं बुरा सा
मुँह बनाते हुए कहती
आप कितना कुछ या
इसके बाद मीठा खिला दो
पर थोड़ी देर में
फिर से मुँह कसैला हो जाता है !
…
आप हँसते हुए कहते
ऐसी ही तो है
ये जिंदगी भी
कितना कुछ अच्छा हो
पर दुःख का एक लम्हा
उन कई अच्छे दिनों पर
भारी हो जाता है !!
…
तब चखा नहीं था
स्वाद ज़िंदगी का मैंने
अंजान थी इसकी
कड़वाहटों से
आज भोर में कुछ
नीम की पत्तियां चबा
गुटक गई पानी से
बड़ी देर तक
मुँह का कसैलापन
भला लगता रहा मन को
शायद ऐसे ही होती है
अर्पण कोई याद आपको
और हो जाता है तर्पण
पितृ पक्ष में
भीगी पलकों के साये में
आपके नाम का !!
....
शुक्रवार, 13 सितंबर 2019
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