बुधवार, 21 सितंबर 2011

आत्‍मा में अनन्‍त शक्ति.......






प्रत्‍येक आत्‍मा में अनन्‍त शक्ति

विद्यमान रहती है

उसके रूप अलग होते हैं

किसी को

उसी आत्‍मा से श्रद्धा उपजती है

किसी को वेद कंठस्‍थ होते हैं

कोई हो जाता है

ज्ञान का सागर कोई

रह जाता अल्‍पज्ञानी

फिर इनमें से ही आगे निकल

कोई निरा अभिमानी .....

कोई हो जाता लोभी इतना

रिश्‍तों का बलिदान कर देता

कोई दानी इतना बड़ा

खुद की खुशियां हंस के‍ लुटा देता

कोई प्‍यार के लिये ही जीता उम्र भर

कोई नफरत का कारोबार फैलाता .......

आत्‍मचिंतन ....मनन करना

संदेश देना जग में निर्मल विचारों का

हर आत्‍मा का पवित्र होना

परमात्‍मा की दया पर

निर्भर होता है संस्‍कारों की छाया तले

फलती फूलती कोमल भावनाएं

प्रेम का सिंचन करती आत्‍मा जब

जीवन का उद्देश्‍य पूर्ण हो जाता

आत्‍मा में अनन्‍त शक्ति.......!!!!

29 टिप्‍पणियां:

  1. आत्‍मा में अनन्‍त शक्ति
    कोई प्‍यार के लिये ही जीता उम्र भर
    कोई नफरत का कारोबार फैलाता .......
    बिलकुल सत्य कहा आपने एक एक शब्द संवेदना संजोये है मगर इस अभ्व्यक्ति मे गहरे से छुपी एक मूक अभिव्यक्ति है...वाह ! क्या कहने आपकी सोच के

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  2. आदरणीय सदा जी
    आज की रचना में गहरे दर्शन की अभिव्यक्ति मिलती है। बेमिसाल रचना.....आभार

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  3. प्रेम का सिंचन करती आत्‍मा जब
    जीवन का उद्देश्‍य पूर्ण हो जाता
    आत्‍मा में अनन्‍त शक्ति..!!!!

    बहुत प्रगाढ़ जीवन अनुभूति है. सुंदर रचना.

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  4. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

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  5. आत्मा की शक्ति से परिचित करवाती सुन्दर रचना |बधाई
    आशा

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  6. ohh bahaut badhiya likha hai aapne Sada.... ek alag vishay... kum se kum maine pahali baar padha

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  7. जब मैं फुर्सत में होता हूँ , पढ़ता हूँ और तहेदिल से इन भावनाओं का शुक्रगुज़ार होता हूँ ....

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  8. गहरी साँस भर सोचिये तो अन्दर की शक्ति का भान होता है।

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  9. बहुत ही अर्थपूर्ण .....,गहरी अभिव्यक्ति

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  10. क्या ज्ञान की बाते कहीं...बहुत सुन्दर...वाह!

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  11. आत्‍मचिंतन ....मनन करना

    संदेश देना जग में निर्मल विचारों का

    हर आत्‍मा का पवित्र होना

    परमात्‍मा की दया पर

    निर्भर होता है संस्‍कारों की छाया तले

    ....बहुत सार्थक और गहन चिंतन..बहुत सुन्दर प्रस्तुति..

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  12. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आत्मा परमात्मा का ही रूप तो हैं!
    राम-राम!

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  13. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!गहन अत्म-चिंतन.

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  14. बहुत सुन्दर हृदयस्पर्शी भावाभिव्यक्ति....

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  15. बहुत ही सुन्दर..........गहन अभिव्यक्ति......शानदार लगी पोस्ट|

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  16. तभी तो कहा है आत्मा कभी मेरती नहीं ... जीवित रहती है इस शक्तोई के बल पर अनत काल तक ...

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  17. कल 23/09/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  18. आत्‍मा में अनन्‍त शक्ति.....
    वाह !!!!

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  19. तभी तो कहा है आत्मा कभी मरती नहीं ..बहुत सुंदर....

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....