मैं आज भी तुझे अपने आस-पास पाता हूं
तेरी यादों को नये-नये रंगों में सजाता हूं ।
हर तस्वीर पूरी हो जाती मगर फिर भी,
उनको तेरे बिन धड़कन नहीं दे पाता हूं ।
मैं जिस राह पर चला तू हमसफर रही मेरी,
तेरे जाने के बाद भी अपने साथ ही पाता हूं ।
हर कोई तेरे होने की निशानी मांगे मुझसे,
तू मेरे साथ है हर पल बस यही कह पाता हूं ।
महफिल जब भी तेरे गीतों की सजाता हूं ।
