गुरुवार, 7 दिसंबर 2017

स्मृति हाज़मे की !!

स्मृतियों को मन की
फ़िक्र रहती है
तभी तो वो उसे
अकेला छोड़ती नहीं हैं
कोई खट्टी-मीठी
स्मृति हाज़मे की
खाई है कई बार
जब भी कभी
अकेलेपन की
बदहजमी हुई है 😊

सोमवार, 20 नवंबर 2017

फ़िक्र की धूप !!

..
कुछ रिश्ते
जिंदगी होतें हैं
परवाह और
अपनापन लिए
जिनमें फ़िक्र की
धूप होती है
और ख्यालों की छाँव !!!
...
शब्दों की बारिश से
भीगा है मन
मेरे आस पास
कुछ नमी सी है
कहीं तुम उदास तो नहीं ??

गुरुवार, 2 नवंबर 2017

कुछ रिश्ते !!!

कुछ रिश्ते
होते हैं कुम्हार से
गढ़ते ही नहीं
आकार भी दे देतें हैं
जीवन को ।
..
कुछ रिश्ते
होते हैं अजनबी से
अन्जाने बिना नाम के
शायद भावनाओं के
जो वक़्त और
परिस्थिति से निर्मित
मन के आँगन में
बने और पनपे होते हैं।
...

सोमवार, 30 अक्टूबर 2017

उम्मीद की हथेली !!!

बदल जाने के लिए
वक़्त होता है रिश्ते नहीं
रूठें तो मनाओ
मन की गिरह खोलो
अपनेपन की ऊँगली
पकड़कर पार कर लो
हर मुश्किल को !!
...
कुछ रिश्ते 
होते हैं सच्चे
झूठ की गिरफ़्त से 
कोसों दूर
जैसे यक़ीन के काँधे पर
टिकी हो कोई
उम्मीद की हथेली !!

शनिवार, 7 अक्टूबर 2017

सिक्के मुस्कराहटों के !!!!

मैंने टांक दिया है आज फ़िर
तेरे खामोश लिबास पे
हँसी की जेब को
जिसमें कुछ सिक्के भी
रख छोड़े हैं मुस्कराहटों के
जो तुम्हें चाह कर भी
खिलखिलाने से नहीं रोक पाएंगे !!

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....