वीर की कलाई पर,
रक्षा का सूत्र
बांधने के लिए
मैने थाली में
अक्षत और रोली
के संग
रेश्म की डोर भी रखी है ..
बचपन से फाइव स्टॉर
चॉकलेट उसे बहुत पसन्द है
उसके बड़े हो जाने पर
मैं चाहकर भी भूल नहीं पाती
और मिठाइयों के बीच
उसे भी सजा लेती हूं ....
वीर मेरा आज भी
मुस्करा देता है
स्नेह से मेरी ओर देखता फिर
थाली में राखी और मिठाई के बीच
रखी उस चॉकलेट को देखकर
मेरे लिये लाईं हैं न
धीमे से मेरे कानों में कहता ....
जैसे ही मैं हां में सिर हिलाती
कलाई आगे कर कहता
जल्दी बांधिये न राखी
कितनी देर लगाती हैं आप ....
स्नेह से भीगी आंखे लिये
मैं उसकी कलाई पर
बांधती रक्षा सूत्र
और कहती हमेशा ऐसे ही रहना ......!!!!




