मैं हर पल साथ रहता है
जीवन के सफ़र में
उसकी जब़ान को
पता होता है
स्वाद इस 'मैं' का
जहाँ सब साथ छोड़ देते हैं
वहाँ भी ये गीत
गुनगुना लेता है खुशियों के !
....
मैं चलता रहता है
अपनी धुन में मस्त मगन
मुश्किल रास्तों पर भी
अल्हड़ता के साथ
रिश्तों के बनावटीपन से परे
अपने स्व के साथ
जीता है बड़ी बेबाकी से
सीखते हुए नित नया
सबक जिंदगी का जिंदगी से !!
...
‘मैं’ का रहस्य हमेशा
क़ायम रहता है
‘मैं’ के साये में
तपती धूप में कई बार
देखा है मैंने
इसे खुद का ही
आसमान बनते हुये !!!


