शनिवार, 20 अप्रैल 2013

वही ऊँचाइयों की जिद़ !!!!













अतीत के धागों को कितना भी काटूँ
मन के माँझे से
फिर भी यह जिंदगी की पतंग  उड़कर
दूर पहुँच ही जाती बादलों के पार
वही ख्‍वाहिशें मस्‍ती की,
वही ऊँचाइयों की जिद
हथेलियों में डोर रहती किसी और के
फिर भी कहाँ परवाह रहती इसे इन बातों की
यह दिल तो सिर्फ उड़ान भरना जानता है !
...
जिद् की टहनी पकड़कर
जब भी शब्‍दों ने डाले हैं झूले
कभी महकी हैं फिज़ाये
कभी गुनगुनाया है गीत
जोर से चिल्‍लाया है कोई नन्‍हा कोटर से
उसे इंतजार है अभी उड़ने का
पंखों को फैलाने का
एक उड़ान माँ के साये में भरने का
उड़ना उड़ते जाना
फ़कत इतना सा ख्‍वाब था
हवाओं ने जाने कितनी बार गुमान किया था,
पर कहाँ परवाह थी इन्‍हें हवाओं की
उसे तो बादलों के पार जाना था,
अपनी खुशियों के संग
पल-पल मुस्‍कराना था !!!!
...

27 टिप्‍पणियां:

  1. उसे इंतजार है अभी उड़ने का
    पंखों को फैलाने का
    एक उड़ान माँ के साये में भरने का
    उड़ना उड़ते जाना
    फ़कत इतना सा ख्‍वाब था

    बहुत उम्दा अभिव्यक्ति,सुंदर रचना के लिए बधाई ,,,
    RECENT POST : प्यार में दर्द है,

    उत्तर देंहटाएं
  2. मन में उड़ान भरने कि चाहत हो और हौसले बुलंद तो बादलों के पार आकाश कि ऊँचाइयाँ छू ही ली जाती हैं .... खूबसूरत खयाल .... यूं ही पल पल मुसकुराते ज़िंदगी बीते ।

    उत्तर देंहटाएं
  3. पर कहाँ परवाह थी इन्‍हें हवाओं की
    उसे तो बादलों के पार जाना था,
    अपनी खुशियों के संग
    पल-पल मुस्‍कराना था !!!!

    ताज्जुब है ...हमारे मन इतने मिल गए सदा जी ....???बात वही बस अंदाज़ अलग ....बहुत खूब ....!!

    उत्तर देंहटाएं
  4. सपनों की उड़ान... काश! मंज़िल भी मिल जाए हर पंछी को...
    ~सादर!!!

    उत्तर देंहटाएं
  5. हौसला में ताकत हो तो पंख भी साथ देते है और मिल ही जाती है मंजिल... बहुत सुन्दर सकारात्मक सोच

    उत्तर देंहटाएं
  6. अतीत का कोना .मन भिगोता है .....
    सुदर ...

    उत्तर देंहटाएं
  7. दिल उड़ना चाहता है..उसे सीमा नहीं भाती...सुंदर प्रस्तुति..

    उत्तर देंहटाएं
  8. वही ऊँचाइयों की जिद
    हथेलियों में डोर रहती किसी और के
    फिर भी कहाँ परवाह रहती इसे इन बातों की
    यह दिल तो सिर्फ उड़ान भरना जानता है !

    जिद बनी रहे मेरी शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुंदर रचना सदा जी....आकाश का असीम विस्तार पुकार रहा है.....पंख मज़बूत
    चाहिए ....ओर बस ....

    उत्तर देंहटाएं
  10. बढ़िया है आदरणीया-
    शुभकामनायें-

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत मार्मिक-भावप्रणव प्रस्तुति...!
    साझा करने के लिए आभार...!

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत सुंदर रचना...........सपनों की उड़ान हो तो मिल ही जाती है मंजिल....

    उत्तर देंहटाएं
  13. .सपनों की ये उड़ान तो जरूरी है..बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!

    उत्तर देंहटाएं
  14. एक जिद्द ही सपनो को उड़ान दे सकती हैं.
    धन्यवाद..

    उत्तर देंहटाएं
  15. गहन विचार लिए प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  16. बेहद का प्रवाह औ भावावेग लिए प्रांजल रचना .

    उत्तर देंहटाएं
  17. खुद के देखे हुवे ईमानदार सपने जरूर पूरे होते हैं हिम्मत की जरूरत होती है बस ...

    उत्तर देंहटाएं
  18. उसे तो बादलों के पार जाना था,
    अपनी खुशियों के संग
    ---------------
    सकारात्मक...सुन्दर

    उत्तर देंहटाएं
  19. दोनों कवितायें बहुत ही कोमलता से बयान करती हैं एक सशक्त भाव को.. आपकी कविताओं की यह विशेषता रही है हमेशा.. इसे बनाए रखिये!!

    उत्तर देंहटाएं
  20. उड़ान ज़िंदगी के नाम... बहुत भावपूर्ण, बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  21. आत्मविश्वास आवश्यक है. मनभावन अभिव्यक्ति.

    उत्तर देंहटाएं
  22. उत्कट इच्छा ,उमंग , आत्मबल चाहिए एक ऊँची उड़ान के लिए ...बहुत भावपूर्ण
    latest post सजा कैसा हो ?
    latest post तुम अनन्त

    उत्तर देंहटाएं

ब्लॉग आर्काइव

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....