गुरुवार, 1 मार्च 2012

''अर्पिता'' यहां है ...

राजधानी दिल्ली में विश्व पुस्तक मेले में किताबों की रौनक अपनी छटा बिखेर रही है ....
जिसके लिए आप सभी को इन चित्रों के माध्‍यम से एक संदेश भी प्रेषित है ...
इस मेले में मेरा प्रथम काव्‍य संग्रह ''अर्पिता'' आपकी प्रतीक्षा में है ...


''अर्पिता'' देखने तथा खरीदने के लिए पधारें ..
20वाँ विश्‍व पुस्‍तक मेला
हिंद युग्‍म डॉट कॉम
स्‍टाल-59, हॉल- 11, प्रगति मैदान, नई दिल्‍ली
(भारतीय ज्ञान पीठ के स्‍टॉल के पीछे )


 ''अर्पिता'' जब तक समर्पण का भाव नहीं होता ..
यूँ ही कोई नाम नहीं होता ...


 क्‍यूँकि मेला 4 मार्च 2012 तक ही रहेगा ... समय बेहद सीमित है ...


हर्ष का विषय है कि ....
किताबों को ऑनलाइन बेचने वाली कंपनी फ्लिपकॉर्ट की वेबसाइट पर
विक्रय के लिए ''अर्पिता '' उपलब्ध करा दी गयी है ...
यह वेबसाइट किताबों को क्रेता तक 3-4 दिनों में पहुँचा भी देती है।


30 टिप्‍पणियां:

  1. हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें।

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  2. हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  3. काव्य-संग्रह के प्रकाशन पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत बहुत बधाई सदा.....................
    ऐसे अनमोल पल और भी आयें आपके जीवन में...
    मैं कोशिश कर रही हूँ किसी से आपकी पुस्तक मंगवाने की..
    फिर बताउंगी कैसी है :-)

    सस्नेह.

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  5. इस उपलब्धि के लिए बधाइयाँ...शुभकामनाएं...

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  6. बहुत-बहुत मुबारक हो सदा जी...:)

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  7. बहुत -बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ ...

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  8. बहुत बहुत बधाई ....सबका प्रेम पाए अर्पिता .....

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  9. बधाई हो बधाई....
    "अर्पिता" में बेशक आपका समर्पण होगा...
    आशा है सभी के दिलों में स्थान पाएगी..

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  10. बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं ...

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  11. Accept on congratulation on your book. I wish I can buy and read it. I will try to get it once I am back in India...:)

    Good Luck!!!

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....