शुक्रवार, 1 मार्च 2013

बस तुम्‍हारी हँसी !!!

कुछ कीमती था तो मेरे लिए
बस तुम्‍हारी हँसी,
ना आँसुओं की कीमत मत पूछना
ये तो अनमोल हैं
नहीं चाहता मैं तुम इन्‍हें
किसी भी कीमत पर यूँ बह जाने दो
...
कुछ शब्‍द मुहब्‍बत की किताब में
बहुत ही कीमती होते हैं
जिनके होने से कभी लगता ही नहीं
कि जिन्‍दगी अभावों में है
शर्त यह है कि
जिन्‍दगी का हर वर्का
इस किताब में सजि़ल्‍द हो
...
जब भी पढ़ा हर बार मुझे जिन्‍दगी
बस मुस्‍कराती सी लगी
तब मैने जाना
इसकी अहमियत को
बस तभी से
हर लम्‍हा इसके नाम कर दिया
...

27 टिप्‍पणियां:

  1. अपनी हालत का अहसास नही है हमको,
    मैंने औरों से सुना है कि परेशान हूँ मै,,,,,,


    RECENT POST: पिता.

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  2. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा शनिवार (2-3-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
    सूचनार्थ!

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  3. मुस्कान बिखेरता हुआ हर लम्हा ..

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  4. प्रियतम की मुस्कान का, निश्चित करती मोल |
    पर आंसू की मोल को, नहीं रही तू खोल |

    गजब भाव -
    आभार आदरेया -

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  5. आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 02/03/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

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  6. कुछ शब्‍द मुहब्‍बत की किताब में
    बहुत ही कीमती होते हैं
    you are right .nice presentation of feelings.

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  7. बहुत सुंदर रचना..........जब भी पढ़ा हर बार मुझे जिन्‍दगी
    बस मुस्‍कराती सी लगी
    तब मैने जाना
    इसकी अहमियत को

    उत्तर देंहटाएं
  8. जब भी पढ़ा हर बार मुझे जिन्‍दगी
    बस मुस्‍कराती सी लगी
    तब मैने जाना
    इसकी अहमियत को
    बस तभी से
    हर लम्‍हा इसके नाम कर दिया

    ....बहुत खूब! सभी क्षणिकाएं बहुत प्रभावी...

    उत्तर देंहटाएं
  9. जब भी पढ़ा हर बार मुझे जिन्‍दगी
    बस मुस्‍कराती सी लगी
    तब मैने जाना
    इसकी अहमियत को
    बस तभी से
    हर लम्‍हा इसके नाम कर दिया
    अच्छी प्रस्तुति -पुस्तक ही सच्चा दोस्त है
    latest post मोहन कुछ तो बोलो!
    latest postक्षणिकाएँ

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  10. बहुत सुन्दर पोस्ट......ब्लॉग का नया परिवेश अच्छा लगा परन्तु इसमें पारदर्शिता होने के कारन पढ़ने में कुछ दिक्कत महसूस हुई ..........वक़्त मिले तो जज़्बात पर भी आयें।

    उत्तर देंहटाएं
  11. जब भी पढ़ा हर बार मुझे जिन्‍दगी
    बस मुस्‍कराती सी लगी
    तब मैने जाना
    इसकी अहमियत को
    बस तभी से
    हर लम्‍हा इसके नाम कर दिया
    ...
    वाह ! आशा और विश्वास के दीप जलाती सुंदर रचना..

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  12. बहुत भावपूर्ण और सुन्दर भाव लिए रचना |
    आशा

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  13. बहुत सुंदर और गहन भावाभिव्यक्ति
    बधाई ......

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  14. बहुत सुन्दर अहसास लिए रचना...
    बेहतरीन...
    :-)

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  15. जब भी पढ़ा हर बार मुझे जिन्‍दगी
    बस मुस्‍कराती सी लगी
    तब मैने जाना
    इसकी अहमियत को
    बस तभी से
    हर लम्‍हा इसके नाम कर दिया

    खुबसूरत ही नहीं बेहतरीन भावों संग एहसास

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  16. भावपूर्ण और सुंदर अहसास से प्रेरित कविता.

    उत्तर देंहटाएं
  17. प्रसन्नता का संचार मन मुदित कर जाता है।

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  18. बहुत खूबसूरत एहसास...

    जब भी पढ़ा हर बार मुझे जिन्‍दगी
    बस मुस्‍कराती सी लगी
    तब मैने जाना
    इसकी अहमियत को
    बस तभी से
    हर लम्‍हा इसके नाम कर दिया

    सुन्दर रचना, बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  19. अनमोल आंसू और हंसी कीमती ....मुहब्बत की किताब के बहुत से शब्द कीमती , ज़िन्दगी का हर सफा कीमती बशर्ते किताब हर वर्क सजिल्द हो .... बहुत खूबसूरत एहसास .... ब्लॉग नया सा लगा और बहत सुन्दर लगा ...

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  20. अनमोल आँसू और हंसी कीमती और भला क्या चाहिए जीने के लिए...

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  21. कुछ शब्‍द मुहब्‍बत की किताब में
    बहुत ही कीमती होते हैं
    .............बिलकुल सही कहा है आपने दी

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....