बुधवार, 8 फ़रवरी 2012

उसके लिए !!!

















तेरा होना मुहब्‍बत है
तुम दूर हो
या मेरे नज़दीक
ये बात
कोई मायने नहीं रखती
मेरे लिए
तुम्‍हारी हंसी
सबसे बड़ी नेमत है
तुम्‍हें हंसाना वाला कौन है
ये बात
कोई मायने नहीं रखती
मेरे लिए
तुम्‍हारी खुशियों का
सौदा किया था
मैने रब से
दोनो हाथ उठाकर
मांगी थी दुआएं
कहीं भी कोई दुख हो
तुम्‍हारे हिस्‍से का
हंसकर मुझे कुबूल होगा
ये सब तुमसे
कहकर मुझे तुम्‍हारी नजरों  में
ऊंचा नहीं उठना
एक कांटा था
जिसपर तुम्‍हारे कदम पड़ते
तो चुभन होती तुम्‍हें
उसपर मैने अपना
पांव रख दिया था हंसते-हंसते .....!
ये सब था बस
उसके लिए!!!
हार कर भी तुम्‍हारी जीत में मेरी खुशी
बेहिसाब हो जाती थी
मेरे हारने का सबब
क्‍या है ? कौन है ?
ये बात मेरे लिए
कोई मायने नहीं रखती  !!!

32 टिप्‍पणियां:

  1. तेरा होना मुहब्‍बत है
    तुम दूर हो
    या मेरे नज़दीक
    ये बात
    कोई मायने नहीं रखती
    मेरे लिए
    तुम्‍हारी हंसी
    सबसे बड़ी नेमत है
    तुम्‍हें हंसाना वाला कौन है
    ये बात
    कोई मायने नहीं रखती
    मेरे लिए
    तुम्‍हारी खुशियों का
    सौदा किया था
    मैने रब से
    दोनो हाथ उठाकर
    मांगी थी दुआएं
    कहीं भी कोई दुख हो
    तुम्‍हारे हिस्‍से का
    हंसकर मुझे कुबूल होगा

    बेहतरीन प्रस्तुति है...

    उत्तर देंहटाएं
  2. मोहब्ब्त की पराकाष्ठा है ये तो...
    एक कांटा था
    जिसपर तुम्‍हारे कदम पड़ते
    तो चुभन होती तुम्‍हें
    उसपर मैने अपना
    पांव रख दिया था हंसते-हंसते .....!

    बहुत सुन्दर सदा जी..

    सस्नेह.

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत ही मीठी और सच्ची बात कही है..कविता के जरिये

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. हार कर भी तुम्‍हारी जीत में मेरी खुशी
      बेहिसाब हो जाती थी
      मेरे हारने का सबब
      क्‍या है ? कौन है ?
      ये बात मेरे लिए
      कोई मायने नहीं रखती !!!
      Wah!
      Comment yahan de rahee hun,kyonki comment box nahee khul raha!Kshma karen!

      हटाएं
  4. कई पंक्तियों में दर्शन समेट दिया है जीवन का।

    उत्तर देंहटाएं
  5. खूबसूरत पंक्तियों के साथ ही अर्थपूर्ण रचना ....

    उत्तर देंहटाएं
  6. हार कर भी तुम्‍हारी जीत में मेरी खुशी
    बेहिसाब हो जाती थी
    मेरे हारने का सबब
    क्‍या है ? कौन है ?
    ये बात मेरे लिए
    कोई मायने नहीं रखती !!!

    ....बहुत खूब! बहुत सुंदर अभिव्यक्ति...

    उत्तर देंहटाएं
  7. हार कर भी तुम्‍हारी जीत में मेरी खुशी
    बेहिसाब हो जाती थी
    मेरे हारने का सबब
    क्‍या है ? कौन है ?
    ये बात मेरे लिए
    कोई मायने नहीं रखती !!
    sundar bhav bhari rachna sada ji....

    उत्तर देंहटाएं
  8. बस यही तो बिना शर्त मोहब्बत होती है।

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुन्दर खुबसूरत रचना। धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति है आपकी,सदाजी.
    भावपूर्ण,दिल को छूती हुई.

    प्रस्तुति के लिए आभार जी.

    उत्तर देंहटाएं
  11. आपने कविता में सारी जिंदगी का सार समेट दिया है.

    बेहद खुब्सुर्स्त रचना.

    सादर.

    उत्तर देंहटाएं
  12. वाह बहुत ही सुंदर भाव संयोजन किया है सदा जी ...बहुत खूब!!!

    उत्तर देंहटाएं
  13. सदा जी,..आपकी रचना बहुत अच्छी लगी,लाजबाब सुंदर भाव की पंक्तियाँ,..

    MY NEW POST...मेरे छोटे से आँगन में...

    उत्तर देंहटाएं
  14. जीवन के मर्म को समझती अभिव्यक्ति

    उत्तर देंहटाएं
  15. जीत गये तो क्या कहना, हारे भी तो बाज़ी मात नहीं ...

    उत्तर देंहटाएं
  16. प्रेम हो तो कोई भी बात मायने नहीं रखती ... जीवन का अर्थ समेत दिया इस रचना में ...

    उत्तर देंहटाएं
  17. बहुत ही खुबसूरत, सुंदर भाव की पंक्तियाँ, SEE MY NEW POST ASMITA.

    उत्तर देंहटाएं
  18. क्‍या है ? कौन है ?
    ये बात मेरे लिए
    कोई मायने नहीं रखती !!!

    इसे कहते हैं...हार की जीत...

    उत्तर देंहटाएं
  19. बहुत सुन्दर भाव ..प्रेम कि पराकाष्ठा कहती अच्छी रचना

    उत्तर देंहटाएं
  20. अति सुन्दर. मन भावन रचना।
    धन्यवाद।
    आनन्द विश्वास

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  21. इसी को कहते हैं त्याग और प्रेम की पराकाष्ठा ... बहुत सुन्दर रचना..

    उत्तर देंहटाएं
  22. प्रेम की पराकाष्ठा को उजागर करती अच्छी रचना.

    बहुत बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  23. झुरते प्रेम की गुनगुनी कविता जो पनाह देती है और तलाश नहीं करती.

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  24. समर्पण की भावनाओं को मिले
    कुछ पाकीज़ा अलफ़ाज़ ..
    उत्कृष्ट रचना .

    "दानिश"

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....