शुक्रवार, 9 दिसंबर 2011

सूना इनबॉक्‍स ...( )
















मैने समेटे हैं कई एहसास
इन दिनों
जब तुम्‍हें वक्‍त मिले तो बताना
उन्‍हें तुम्‍हारी नज़र कर दूंगी ...
उन पलों में सिर्फ तुम हो
मिलना हो जब खुद से
तो खबर करना
उन्‍हें भेज दूगी तुम तक
बिना कुछ कहे ...

मुझे कुछ कहना तो नहीं आता,
बस लिख लेती हूं यूं हीं कुछ
जब वक्‍त मिले तो बताना
उन्‍हें मेल कर दूंगी :)
पल भर भी
ये ख्‍याल मत लाना
जवाब देना होगा  क्‍या ?
ना ..घबराना मत
आदत हो गई है अब
सूना इनबॉक्‍स देखने की  ...( )

34 टिप्‍पणियां:

  1. जब वक्‍त मिले तो बताना
    उन्‍हें मेल कर दूंगी :)
    .......वाह,बहुत सुंदर....पोस्ट पसंद आई|

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  2. सूने कक्षों को प्रतीक्षा से भर लेने की आदत डाल ली है।

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  3. सदा जी..
    कमाल की प्रस्तुती,..सूना इन् बॉक्स देखने की......सुंदर
    मेरे पोस्ट 'आज चली कुछ ऐसी बातें"में स्वागत है

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  4. पल भर भी
    ये ख्‍याल मत लाना
    जवाब देना होगा क्‍या ?
    ना ..घबराना मत
    आदत हो गई है अब
    सूना इनबॉक्‍स देखने की ...( )

    क्या बात है.....बहुत ही खास एहसासों को समेटे हैं यह पंक्तियाँ।

    सादर

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  5. सूना इनबॉक्स......शीर्षक ही पर्याप्त है |

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  6. सूने इन्बोक्स का मतलब ये ना समझना कोई तुम्हें याद नहीं करता
    बस लिखने में आलस कर जाता

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  7. वाह ……क्या भाव संजोये हैं। शानदार्।

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  8. वाह! बहुत खुबसूरत एहसास पिरोये है अपने......

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  9. बहुत खूबसूरत प्रस्तुति |
    बधाई स्वीकारें ||

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  10. कुछ सच स्वीकार कर लिए हैं !
    अच्छी रचना !

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  11. आदत हो गई है अब
    सूना इनबॉक्‍स देखने की.bahut khub.

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  12. आदत हो गई है अब
    सूना इनबॉक्‍स देखने की ...

    वाह सदाजी ! सदा देती टीस लिये दिल को छूती, दिल में समाती एक सुंदर रचना !

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  13. आपकी किसी पोस्ट की चर्चा है नयी पुरानी हलचल पर कल शनिवार 10-12-11. को । कृपया अवश्य पधारें और अपने अमूल्य विचार ज़रूर दें ..!!आभार.

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  14. शायद ये सही भी है आदत डाल ही ली जाये ....अलग तरह से प्रस्तुत गहरे भाव

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  15. जरूर सूनापन भरेगा....
    सुंदर रचना।

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  16. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

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  17. हाय खुदा..सूना इन बॉक्स दुश्मन को भी न देना...प्लीज़!!

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  18. मेरे नये पोस्ट में,.आज चली कुछ ऐसी बातें, बातों पर हो जाएँ बातें

    ममता मयी हैं माँ की बातें, शिक्षा देती गुरु की बातें
    अच्छी और बुरी कुछ बातें, है गंभीर बहुत सी बातें
    कभी कभी भरमाती बातें, है इतिहास बनाती बातें
    युगों युगों तक चलती बातें, कुछ होतीं हैं ऎसी बातें

    आपका स्वागत है ..........

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  19. सुंदर एहसास और संवाद स्थापित करने का सार्थक प्रयास. सुंदर प्रस्तुति.

    बधाई.

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  20. बहुत सुन्दर भाव पिरोए है.सार्थक प्रयास. सुंदर प्रस्तुति.
    .

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  21. एकाकीपन को शिकायतों से भरने का खूबसूरत और अद्भुत अंदाज़. बहुत सुंदर.

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....