बुधवार, 17 सितंबर 2014

कुछ रिश्‍ते !!!

कुछ रिश्‍ते
बस प्रेम की छड़ी होते हैं,
चोट नहीं लगती
इनके पड़ने से कभी
अच्‍छे और बुरे का
ज्ञान जरूर हो जाता है !
...
कुछ रिश्‍ते
कच्‍ची मिट्टी के
कितने पक्‍के होते हैं
बरसों बरस गुजार देते हैं
साथ खामोशी के साये में !!
...
कुछ रिश्‍ते
लपेट कर रखते हैं
मर्यादा की चादर
मन पर हमेशा
निभाते हैं साथ रिश्‍तों को 
हर मौसम में !!!

...

20 टिप्‍पणियां:

  1. बिल्कुल .... ऐसे ही होते हैं कुछ रिश्ते

    उत्तर देंहटाएं
  2. रिश्तों की गरिमा का सुन्दर विश्लेषण

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत खूब ... कुछ रिश्ते बड़े ही खास होते हैं...

    उत्तर देंहटाएं
  4. हर रिश्ते की अपनी खूबसूरती है ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाकई ऐसे रिश्ते कितने अनमोल होते हैं !

    उत्तर देंहटाएं
  6. रिश्तों की सटीक परिभाषा...

    उत्तर देंहटाएं
  7. रिश्तों का विश्लेषण ... बहुत से रिश्तों का सच यही होता है अगर ओ सच्चे हों तो ...

    उत्तर देंहटाएं
  8. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (19.09.2014) को "अपना -पराया" (चर्चा अंक-1741)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है, धन्यबाद।

    उत्तर देंहटाएं
  9. रिश्तों का सटीक विश्लेषण .......
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  10. रिश्तों को परिभाषित करती सुन्दर रचना।

    उत्तर देंहटाएं
  11. बहुत सुन्दर ...रिश्तों का बढिया विश्लेषण .

    उत्तर देंहटाएं
  12. रिश्ते तो वही अच्छे जो हर मौसम में सथ निभाएं।

    उत्तर देंहटाएं
  13. रिश्तों का सच बताती सुन्दर भाव लिए रचना |

    उत्तर देंहटाएं
  14. रिश्तों के मोती,गुथे हैं एक ही डोरी में.

    उत्तर देंहटाएं
  15. रिश्तो की खूबसूरत दास्तान...

    उत्तर देंहटाएं
  16. रिश्तों को परिभाषित करती सुन्दर रचना।
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है

    राज चौहान
    http://rajkumarchuhan.blogspot.in

    उत्तर देंहटाएं

ब्लॉग आर्काइव

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....