बुधवार, 4 मार्च 2015

होली मुबारक!

फागुन मुस्‍काराता है
जब गुलाल
उँगली और अॅंगूठे को छोड़
हथेली में जाने को मचलता है
रंगीला सावन मनभावन हो
हर चेहरे को रंगता है
रंगों की फुहार में
भीग जाती है अनबन भी
तो बोल उठती है
होली मुबारक!
...
रंगों को भी
प्‍यास है पानी की
अपनों को भिगोने की
कुछ रिश्‍तों को
रंग देना चाहते हैं
स्‍नेह, प्‍यार और सम्‍मान से!!
....
एक चुटकी अबीर
माथे पे लगकर
सम्‍मान हो जाता है
गाल पे लगता है तो
स्‍नेह का फागुन
भीगकर प्‍यार हो जाता है
रंगों का ये त्‍योहार
घोलता है मिठास
सम्‍बंधों में जब-जब
तो जीवन का पल-पल
बस उल्‍लास हो जाता है!!!

16 टिप्‍पणियां:

  1. वाह! बहुत सुंदर सच !
    आपको व आपके परिवार को होली की शुभकामनाएँ ! :-)

    ~सादर
    अनिता ललित

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  2. वाकई....ये त्यौहार जीवन में उल्लास भरते हैं , सुन्दर रचना

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  3. वाह..सभी प्रस्तुतियां बहुत सुन्दर...होली की हार्दिक शुभकामनाएं!

    उत्तर देंहटाएं
  4. सारे ही रंग खूबसूरत हैं रंगों से सराबोर सुंदर रचना

    उत्तर देंहटाएं
  5. बस उल्‍लास ही उल्‍लास - होली और रंगों की बात !



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  6. होली की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  7. बहुत सुंदर भाव...होली मुबारक !

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  8. सुन्दर रचना ... होली मस्ती उलास का पर्व है ...
    होली मुबारक ...

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  9. सुन्दर व सार्थक प्रस्तुति..
    होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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  10. सुन्दर रचना.
    आप को और समस्त हिंदी ब्लॉग जगत को होली की हार्दिक शुभकामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  11. देख रंग गुलाल का ....खिले दिल गुलाब सा
    होली मुबारक ....शुभकामनायें |

    उत्तर देंहटाएं
  12. देख रंग गुलाल का ....खिले दिल गुलाब सा
    होली मुबारक ....शुभकामनायें |

    उत्तर देंहटाएं
  13. आप को होली की हार्दिक शुभकामनाएं. बहुत अद्भुत अहसास...सुन्दर प्रस्तुति .पोस्ट दिल को छू गयी.......

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....