सोमवार, 7 फ़रवरी 2011

अब तो बसन्‍त ...







भंवरे की गुनगुन

सुनने

को कलियों

हो जाओ तैयार

बीत गया

पतझड़ का मौसम

चलने लगी है

अब तो बसन्‍त बयार ...।

महका-महका सा

मधुबन है

चलती मंद-मंद

पवन है जब

तितली का उड़ना देखो,

तब फूलों का मुस्‍काना भी

छूकर जाती इन्‍हें

जब बसन्‍त बयार ।

नीला अम्‍बर भी

खुश होता,

धरती रानी भी मुस्‍काती

धानी चूनर ओढ़कर

गेहूं की नन्‍हीं बाली भी

खुश होती

कोयल की कूक से,

आमों की डाली भी लहराती

चलती जब बसन्‍त बयार ।


27 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुन्दर वासंती रचना ! मन को महका गयी ! वसन्त की आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें !

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  2. आदरणीय सदा जी
    नमस्कार !
    ... वसन्त की आप को हार्दिक शुभकामनायें !

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  3. बसन्त का स्वागत है, सुन्दर कविता।

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  4. सुन्दर बसन्ती कविता
    आपको बसन्त की शुभकामनाये

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  5. बसंत के खुशनुमा मौसम में बेहद सुन्दर कविता.

    सादर

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  6. वसंत के स्वागत में कविता का वासंती रूप अभिव्यक्ति की नई खुशबुओं में नहा कर निखर उठा है !

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  7. वसन्त आगमन के साथ मन को पुलकित करती, महकाती, उत्फुल्ल करती एक बहुत ही खूबसूरत रचना ! बधाई एवं वसन्त की हार्दिक शुभकामनायें !

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  8. वसंत पर इस मासूम सी रचना कों पढ़कर मन प्रसन्न हो गया।

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  9. बसंत के आगमन पर सुन्दर बसंती कविता|

    आप को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ|

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  10. kavita padhkar basant ke aane ki suchana milane lagi .sundar rachana . badhayi .

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  11. वाह ......
    बसंत बसंत महका दिया आपने तो .....
    बहुत खूब .....

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  12. sada ji
    aapne to sach me basanti rang se sarobar kar diya .bahut hi pyari man ko mahka si gai aapki basanti bayaar .
    bahut bahut badhai
    poonam

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  13. आ गया वसंत , देखा आपकी कविता में !

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  14. वसंती रगों से सजी खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
    आप को वसंत की ढेरों शुभकामनाएं!
    सादर,
    डोरोथी.

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  15. वासंती रंगो-महक से लबरेज़ बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति.

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  16. बसंत सी खूबसूरत बसंती रचना...

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  17. आदरणीया सदा जी
    सादर सस्नेहाभिवादन !

    स्वागतम बसंत !
    बसंत का आभास कराती इस सुंदर रचना के लिए आभार !

    ♥ प्रेम बिना निस्सार है यह सारा संसार !
    ♥ प्रणय दिवस की मंगलकामनाएं! :)

    बसंत ॠतु की भी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !

    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  18. chaltee jab basant bhaar
    sada kee awaaz se goonjtaa
    blog sansaar
    ghar baithe nirantar
    ahsaas bahaar kaa hotaa
    Nice very nice

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  19. बहुत सुन्दर बासंती रचना...शुभकामनाएं!

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मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....