बुधवार, 10 अगस्त 2011

बांधती रक्षा सूत्र ......











वीर
की कलाई पर,
रक्षा का सूत्र
बांधने के लिए
मैने थाली में
अक्षत और रोली
के संग
रेश्‍म की डोर भी रखी है ..

बचपन से फाइव स्‍टॉर
चॉकलेट उसे बहुत पसन्‍द है
उसके बड़े हो जाने पर
मैं चाहकर भी भूल नहीं पाती
और मिठाइयों के बीच
उसे भी सजा लेती हूं ....

वीर मेरा आज भी
मुस्‍करा देता है
स्‍नेह से मेरी ओर देखता फिर
थाली में राखी और मिठाई के बीच
रखी उस चॉकलेट को देखकर
मेरे लिये लाईं हैं न
धीमे से मेरे कानों में कहता ....

जैसे ही मैं हां में सिर हिलाती
कलाई आगे कर कहता
जल्‍दी बांधिये न राखी
कितनी देर लगाती हैं आप ....

स्‍नेह से भीगी आंखे लिये
मैं उसकी कलाई पर
बांधती रक्षा सूत्र
और कहती हमेशा ऐसे ही रहना ......!!!!

24 टिप्‍पणियां:

  1. वीरे की कलाई पर रक्षा सूत्र सजता रहे. राखी की अग्रिम रूप से हार्दिक बधाई.

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  2. स्नेह-बंधन भावो से सजी, भावयुक्त रचना!!
    लगा जैसे मेरे और केवल मेरे लिए रची गई है।
    आशिर्वाद और शुभकामनाएँ!!

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  3. खूबसूरत भावाभिव्यक्ति ... यूँ ही अमर रहे यह प्रेम भाई बहन का

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  4. यादों के झरोके से सजी .....ये सुन्दर रचना बहुत खूब .

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  5. दिल के एहसासों के साथ अच्छी प्रस्तुति

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  6. .



    आदरणीया सदा जी
    सादर सस्नेह अभिवादन !

    मन प्रसन्न कर रही हैं आपकी सुंदर भावनाएं -
    वीर की कलाई पर,
    रक्षा का सूत्र
    बांधने के लिए
    मैने थाली में
    अक्षत और रोली
    के संग
    रेशम की डोर भी रखी है …


    भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की इस पावन रचना के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !


    रक्षाबंधन की हार्दिक मंगलकामनाओ के साथ

    -राजेन्द्र स्वर्णकार

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  7. स्‍नेह से भीगी आंखे लिये
    मैं उसकी कलाई पर
    बांधती रक्षा सूत्र
    और कहती हमेशा ऐसे ही रहना ......


    बहुत ही भावुक रचना..... हार्दिक बधाई।

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  8. भाई बहन के स्नेह बंधन का या अलौकिक त्यौहार . आपकी पंक्तियाँ भावुक कर गयी .

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  9. इस कविता में भाई-बहन के प्यार का अनोखा चित्रण है।

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  10. जैसे ही मैं हां में सिर हिलाती
    कलाई आगे कर कहता
    जल्‍दी बांधिये न राखी
    कितनी देर लगाती हैं आप ....


    chitr sa kheench diya in lines ne aapka aur apke veer ka. sada u hi khushiyaa apke jeewan me aati rahen. aur man ko khushiyon se bhigoti rahen.

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  11. दिल के एहसासों के साथ अच्छी प्रस्तुति

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  12. स्‍नेह से भीगी आंखे लिये
    मैं उसकी कलाई पर
    बांधती रक्षा सूत्र
    और कहती हमेशा ऐसे ही रहना ......!!!!


    रक्षाबंधन की हार्दिक मंगलकामनाओं से भरी स्नेहमयी कविता.....

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  13. ek bahan ka apne bhai ko smrpit shbdon ka pushpguchchh bhut pasand aaya .

    aap dono ko hi bhut sara sneh .

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  14. स्‍नेह से भीगी आंखे लिये
    मैं उसकी कलाई पर
    बांधती रक्षा सूत्र
    और कहती हमेशा ऐसे ही रहना ......!!!!

    भावुक करने वाली सुन्दर रचना !

    .

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  15. स्‍नेह से भीगी आंखे लिये
    मैं उसकी कलाई पर
    बांधती रक्षा सूत्र
    और कहती हमेशा ऐसे ही रहना ..
    is rishte ki yahi baat khas hai ,rakhi parv ki badhai .

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  16. आज तो राखी का पर्व है ... आपको बहुत बहुत बधाई ... आपने तो ये लाजवाब रचना भी दी है भाई को चोकलेट के साथ ...

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