शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013
प्रेम !!!!!
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प्रेम एक प्रार्थना है जिसके पीछे सब हैं कतार में कोई शब्दों से व्यक्त करता है तो कोई मौन रहकर प्रेम बंसी के बजने में हो जाता ...
16 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 29 नवंबर 2013
उम्र के किसी न किसी दौर में :)
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एक चश्मा प्लस (+) का हो गया है जीवन भी जब भी लगाया नये सिरे से निगाहों को अभ्यस्त करना पड़ा, कई बार धुँधली इन आकृतियाँ से मन की अकबकाहट...
33 टिप्पणियां:
शनिवार, 23 नवंबर 2013
मु़मकिन हो के न हो !!!!
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कुछ पाक़ीज़ा से रिश्ते जिनकी सरपरस्ती के लिये दुआ़ जब भी निकलती सर पे कफ़न बाँध के ये कहते हुए मुमकि़न हो के न हो ...
28 टिप्पणियां:
सोमवार, 18 नवंबर 2013
समझाइशों की नदी !!!!!!!!!!!
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मैं चाहती हूँ तुमसे कितना कुछ कहना पर तुम्हारे और मेरे बीच मौन की सुनामी है अवरूद्ध हैं सारे रास्ते तुम तक पहुँच पाने के ...
20 टिप्पणियां:
गुरुवार, 7 नवंबर 2013
तुम कहने के पहले सोचती क्यूँ नहीं :)
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ना शिकायत मुझे तुमसे है, ना ही समय से, ना किसी और से बस है तो अपने आप से हर बार हार जाती हूँ तुम से तो झगड़ती हूँ मन से रूठकर मौन के ए...
35 टिप्पणियां:
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