SADA
गुरुवार, 12 फ़रवरी 2015

आईना मन का !!!!

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आईना मन का संवारे घड़ी-घड़ी रूप अपना करे श्रृंगार जब प्रेम का तो खुद ही ये इतराये उदासी की सूरत में पलकें भी न झपकाये कोई इस...
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सोमवार, 2 फ़रवरी 2015

आँखें हो उठती धुँआ-धुँआ !!!

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किसी यक़ीन के टुकड़े उठाये हैं तुमने उन लम्‍हों में दर्द ने झकझोरा है क्‍या तुम्‍हें  कभी   किसी यक़ीन ने बेबस किया तो एक चीख ...
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रविवार, 25 जनवरी 2015

तिरंगे का उत्‍सव !!

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तिरंगे का उत्‍सव मनाता बचपन फूलों की तरह मुस्‍काता बचपन । वीरों की गाथाओं का कर स्‍मरण, शीष अपना हरदम झुकाता बचपन । वंदे मात...
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रविवार, 18 जनवरी 2015

कैसा ये रिश्‍ता है ....

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विश्‍वास की मुट्ठी में डर की उँगली एक मुस्‍कान हौसले की लबों पर सोचती हूँ कैसा ये रिश्‍ता है हार और जीत के पलों में हौसले का ...
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शनिवार, 15 नवंबर 2014

यादों के धागे !!!

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  तुम्‍हारी यादों के रास्‍ते चलते-चलते मैं जब भी अतीत के घर पहुँचती तुम रख देते एक संदूक मेरे सामने मैं तुम्‍हें महसूस करती कु...
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सदा
मन को छू लें वो शब्‍द अच्‍छे लगते हैं, उन शब्‍दों के भाव जोड़ देते हैं अंजान होने के बाद भी एक दूसरे को सदा के लिए .....
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