मंगलवार, 23 सितंबर 2014
इन शब्दों को !!!!
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शब्दों की चुभन से कई बार मन बस हैरान रह जाता है ताकते हुये शून्य में सोचता है कैसे इतने पैने हो गये हैं ये आक्रामक हो जाना इ...
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बुधवार, 17 सितंबर 2014
कुछ रिश्ते !!!
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कुछ रिश्ते बस प्रेम की छड़ी होते हैं, चोट नहीं लगती इनके पड़ने से कभी अच्छे और बुरे का ज्ञान जरूर हो जाता है ! ... कुछ रिश...
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बुधवार, 10 सितंबर 2014
फल्गु के तट पर !!!!
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फल्गु के तट पर पिण्डदान के व़क्त पापा बंद पलकों में आपके साथ माँ का अक्स लिये तर्पण की हथेलियों में श्रद्...
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बुधवार, 3 सितंबर 2014
स्वाद इस 'मैं' का !!!!
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मैं हर पल साथ रहता है जीवन के सफ़र में उसकी जब़ान को पता होता है स्वाद इस ' मैं ' का जहाँ सब साथ छोड़ देते हैं वहाँ भ...
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रविवार, 24 अगस्त 2014
कुछ रिश्ते !!!!
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कुछ रिश्ते सच्चे होते हैं इतने कि झूठ और फ़रेब खुद छलनी हो जाते हैं इनके क़रीब आकर ! .... कुछ रिश्ते होते हैं नदी से ...
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